रोडवेज विभाग यात्रियों से किराया तो पूरा वसूल कर रहा है, लेकिन यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बदहाल बसों में यात्रा करने को मजबूर हैं। साथ ही बस स्टैंड नहीं होने से यात्रियों को दिक्कत रहती है।
एटा-पटियाली मार्ग पर यात्रियों का आवागमन रोडवेज बसों से होता है। रोडवेज बसों की स्थिति बेहद खराब है। कई बसों की सीट गायब हैं, तो कुछ की टूटी हुई हैं। मजबूरन यात्री इन सीटों पर बैठकर यात्रा करते हैं। कई बसों की खिड़कियों में शीशे के स्थान पर टीन लगाकर बंद कर दिया गया है, तो किसी में शीशे हैं ही नहीं। जिससे यात्री सर्द हवाएं झेलने को मजबूर होते हैं। यात्रियों का कहना है कि बसों के चलने का समय भी निर्धारित नहीं है। कभी बसें समय से पहले ही गुजर जाती हैं, तो कभी बहुत देर से आती हैं। सड़क पर ही बसों को खड़ा कर दिया जाता है। कोई नियत स्थान न होने से यात्रियों को बसों में सवार होने के लिए दौड़ लगानी होती है। बस स्टैंड तक कस्बे में नहीं है। राजन सिंह, खालिद पहलवान, भेखू पटेल, आशीष सहारा, योगेश गुप्ता, अरूण सिंह, केशव कश्यप, राजेंद्र कठेरिया, धु्रव कुमार शर्मा, मुकेश गुप्ता, डा. विनय गुप्ता आदि ने समाधान की मांग की।