एटा। एक ई-रिक्शा चालक की मौत पहेली बन गई है। पोस्टमार्टम के बाद मौत का रहस्य और गहरा गया है। इसमें चोटों के आधार पर दुर्घटना की संभावना जताई गई है। जबकि पुलिस आत्महत्या किए जाने की बात कह रही है। वहीं, परिजन हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं।
मोहल्ला वनगांव निवासी सोनू ने बताया कि बहनोई रूपेश उर्फ नीटू निवासी अरनोट थाना सिकंदराराऊ जिला हाथरस वर्तमान में हमारे पड़ोस में ही किराए के मकान में रहते थे। शनिवार को वह घर से काम पर जाने की कहकर निकले थे। लगभग 7 बजे सूचना मिली कि ट्रेन की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। बताया कि बहनोई ने फाइनेंस पर एक ई-रिक्शा लिया था। मेरे चचेरे भाई सनी से जमीन को लेकर लगभग 10 दिन पूर्व विवाद हो गया था। जिसके चलते वह हम लोगों से रंजिश मानने लगा था। आए दिन जान से मारने की धमकी देता था।
मृतक की पत्नी बेबी ने आरोप लगाते हुए बताया कि दो-तीन दिन पूर्व सनी ने कहा था कि हम सोनू व रूपेश को जिंदा नहीं रहने देंगे। शनिवार की सुबह काम पर जाते समय पति की हत्या कर दी। हत्या को हादसा दिखाने के लिए ट्रेन से कटने का नाम दे दिया। सोनू का आरोप है कि जब वह रिपोर्ट लिखाने कोतवाली देहात गया, तो पुलिस ने तहरीर नहीं ली और भगा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि रूपेश ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है।
मृतक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद आई रिपोर्ट में कई हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई है, जबकि कटने जैसी बात नहीं पाई गई। सीओ अमित कुमार राय ने बताया कि मामले को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।