शुक्रवार रात से हुई बूंदाबांदी ने मौसम सुहावना कर दिया। जिले भर में हल्की बूंदाबांदी ने लगातार बढ़ रहे तापमान से लोगों को राहत दी। गेहूं किसान तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो यदि अच्छी बारिश हुई तो गेहूं के लिए वह वरदान साबित होगी।
बता दें कि बीते एक सप्ताह से दिन का तापमान काफी बढ़ने से लोगों को फरवरी में ही अप्रैल की गर्मी का अहसास शुरू होने लगा है। बदले मौसम से मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अच्छी बारिश होने से एक बार फिर तापमान में गिरावट दर्ज होगी। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। दूसरी शुक्रवार रात ओर शनिवार सुबह से शहर में रूक-रूक कर बूंदाबांदी होती रही। इससे शहर में कई जगह फिसलन बढ़ गई।
गेहूं किसानों की मानें तो यदि तेज बारिश हुई तो गेहूं के लिए वरदान साबित होगी। प्रतिकूल मौसम की वजह से गेहूं की फसल बर्बादी की कगार पर है। अधिक तापमान की वजह से फसल अपने निर्धारित समय से पहले ही पकने की कगार पर है। ऐसे में बारिश से जहां सिंचाई बचेगी।
परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत बनी बरसात
एटा। शनिवार को तड़के सुबह से बदला मौसम का मिजाज परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत लेकर आया। शनिवार को प्रथम पाली में जहां इंटरमीडिएट का अर्थशास्त्र का पहला पेपर था, तो दूसरी पाली में भी इंटर की हिंदी द्वितीय प्रशभनपत्र की परीक्षा थी। ऐसे में परीक्षार्थी बारिश से केंद्र पर पहुंचने के लिए परेशान दिखे।
बाजार में फिसलन, कारोबार भी प्रभावित
शनिवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए वहीं बाजार में फिसलन बढ़ने से लोगों को परेशानी हुई। कारोबार भी प्रभावित रहा। शनिवार को सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। सुबह आठ बजे रिमझिम बारिश शुरू हो गई। मौसम में गरमाहट महसूस कर रहे लोगों को भी बारिश ने राहत दी। पूरे दिन रूक-रूक कर हुई बारिश से गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरे खिले उठे। गेहूं उत्पादक विपिन शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक तरीके से फसलों की सिंचाई होने पर अब उनकी एक बार की सिंचाई बचेगी, वहीं फसलों की पैदावार भी बढ़ेगी।