घड़ी की सूई में अभी दोपहर के एक बजने ही वाले थे कि कंसुरी गांव में तेज धमाके से लोग दहल गए। जब तक कोई कुछ समझ पाता, दूसरा, फिर तीसरा और फिर तो धमाके पर धमाके। आसपास के मकान दरक गए, जमीन हिल गई और लोग कांपने लगे। इसके बाद हर ओर चीखपुकार और शोरशराबा। मंगलवार को यह नजारा था आतिशबाजी बनाने वाले रहीस के मकान का।
कुछ सेकेंड के अंतराल पर हो रहे धमाके इतने जबरदस्त थे कि आसपास के लोग चाहकर भी कोई मदद नहीं कर सके। वे आगे बढ़ते इतने में फिर धमाका हो जाता और उनके पैर पीछे हट जाते। हर धमाके के साथ ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही थी। इसके चलते आसपास के कई मकानों की दीवारें तक गिर गईं, पड़ोस के रमेश बाबू के मकान की दीवार गिर गई जबकि साबिर के मकान में दरारें आ गईं। खेत पर काम कर रहे किसान गांव की ओर दौड़े। तत्काल पुलिस और दमकल को सूचना दी गई। आधा घंटे में दमकल की गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू हुआ। धमाके बंद होने के बाद लोग मदद को आगे बढ़े तो उन्हें पुलिस अधिकारियों ने रोक लिया। पूरी तसल्ली के बाद ही पुलिस और लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया।