गांव यूसुफ नगर में शनिवार की देर सांय आत्महत्या करने वाले दंपति का परिवारीजनों ने रातोंरात अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं पुलिस ने इस मामले में कोई जांच नहीं की है।
यूसुफ नगर के रनवीर और उसकी पत्नी वीरवती ने पिछले वर्ष जुलाई माह में प्रेम विवाह किया था। इस विवाह से पहले दोनो परिवार राजी नहीं थे, बाद में परिवारीजनों के राजी होने पर प्रेेम विवाह हुआ। होली का पर्व दोनों ही एक साथ मनाना चाहते थे, लेकिन इसमें पारिवारिक परंपराएं बाधा बनी। विवाहिता की पहली होली ससुराल में नहीं होती जिसके चलते विवाहिता अपनी मौसी के घर चली गई। पत्नी के मौसी के घर जाने के बाद रनवीर उसे अगले दिन बुला लाया। शनिवार को वह दोनों साथ रहे। दैनिक कार्य निपटाने के बाद रनवीर अपने कमरे में चला गया। तभी वीरवती भी आ गई। पहले रनवीर ने कमरे के कुंडे में फांसी लगाकर जान दे दी इसके बाद वीरवती ने केरोसिन डालकर खुद को आग लगा दी। जब कमरे से धुआं निकला तो अन्य परिवारीजनों को मामले की जानकारी हुई। परिवारीजनों ने दरवाजा तोड़कर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए और दोनाें को बाहर निकाला लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। जानकारी होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। इसके बाद परिवारीजनों ने रातोंरात दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और आत्महत्या की गुत्थी उलझी रह गई। आत्महत्या को लेकर तमाम चर्चाएं है। कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह चौहान ने बताया कि दंपति के आत्महत्या के मामले में कोई सूचना नहीं दी गई। जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो पाई।
चचेरे भाई की साली थी वीरवती
पटियाली (ब्यूरो)। वीरवती की बड़ी बहन सोमवती का विवाह रनवीर के चचेरे भाई शैलेष से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। दोनों ही परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। रिश्तेदारी के बीच दोनों के बीच प्रेम पनपा और पिछले वर्ष दोनों का विवाह हुआ।
विवाह से पूर्व भी की थी आत्महत्या की कोशिश
पटियाली(ब्यूरो)। रनवीर और वीरवती की शादी के लिए परिवारीजन राजी नहीं थे। ऐसी स्थिति देख दोनों ने आत्महत्या की कोशिश की। इन हालातों को देख परिवारीजनों ने दोनों की शादी कर दी।