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डाइटीशियन हैं नहीं, चिकित्सकों को नहीं पता मेन्यू

Fri, 15 Jul 2016 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
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महिला अस्पताल में गंदगी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला महिला चिकित्सालय में प्रसूता के भोजन पर भी डाका डाला जा रहा है। नाश्ते से दूध, अंडा और खाने से हरी सब्जियां गायब हो चुकी हैं। अस्पताल में डाइटीशियन भी तैनात नहीं है। वहीं चिकित्सकों को प्रसूताओं, बीमारों के नाश्ते, भोजन का मेन्यू ही नहीं मालूम है।    
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महिला चिकित्सालय में प्रसूताओं को नाश्ते में पैकेट बंद दूध, अंडा, बिस्किट, लंच में दाल, रोटी, चावल, हरी सब्जी और रात के खाने में दो तरह की सब्जियां, रोटी देने का मानक है। पर, मेन्यू को दरकिनार कर नाश्ते में चाय, ब्रेड की चार स्लाइस, दोपहर भोजन में चार रोटी, दाल ही परोसी जा रही है। रात्रि भोजन में दो सब्जियों के स्थान पर सूखी अथवा आलू की रसेदार सब्जी के साथ रोटियां दी जा रही हैं। साफ है कि अंडा, दूध, चावल, हरी सब्जियों का पैसा डकारा जा रहा है। 
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मेन्यू दबाए बैठे हैं अफसर 
चिकित्सालय में मरीजों को परोसे जाने वाला नाश्ता, लंच और डिनर का मेन्यू वार्डों में चस्पा होने का निर्देश है। पर, इसकी भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। किसी भी वार्ड में मेन्यू नहीं चस्पा है। अस्पताल की लेडी चिकित्सक डॉ अनीता से मेन्यू दिखाने को कहा गया तो उन्हाेंने सीएमएस से बात करने को कहकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं शुक्रवार को दिन में 11.30 बजे तक सीएमएस दफ्तर नहीं पहुंचे थे। 
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1- महिला अस्पताल में भर्ती अखिलेश पत्नी संजय कुमार निवासी नगला बिके ने बताया कि अस्पताल में सूखी रोटियां, दाल मिलती है। सुबह चाय, ब्रेड दी जाती है। बताया कि घर से परिवारीजन दूध लेकर आते हैं।  
2.नगला बेरी निवासी ऊषा पत्नी राम सिंह ने बताया कि वो दो दिन से अस्पताल में भर्ती है। प्रसव के बाद सुबह चाय, ब्रेड ही मिलती है। दोपहर दाल-रोटी और रात को आलू की सूखी सब्जी दी जाती है।
3- वन गांव की रूबी पत्नी तोताराम ने बताया कि नाश्ते में अंडा, दूध किसी को कभी नहीं दिया जाता। सिर्फ चाय, ब्रेड और दाल-रोटी ही दी जाती है। दाल भी एकदम पतली रहती है।  
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महिला चिकित्सालय में डाइटीशियन की पोस्ट खाली पड़ी है। इससे अस्पताल में कहीं भी डाइट चार्ट चस्पा नहीं है। शासन की गाइड लाइन को दरकिनार कर रोगियों को नाश्ता, खाने की खानापूर्ति ही की जा रही है।  
इनसेट

रोगियों को दूध, चावल नहीं मिलने की शिकायत अब तक किसी ने नहीं की है। गंभीरता से इसकी जांच कराई जाएगी। प्रसूताओं में रोजाना एक-दो महिलाएं ही अंडा खाने वाली मिलती हैं। एक दो रोगियों की डिमांड पर अंडे की उपलब्धता संभव नहीं है। दाल के साथ सब्जी का प्राविधान है, हरी सब्जी जरूरी नहीं है। 
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डॉ बृजेश राठौर, सीएमएस  
जिला महिला चिकित्सालय, एटा
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