एटा। हापुड़ कांड को लेकर कई दिनों चली वकीलों की हड़ताल समाप्त हो गई। सोमवार को पूर्व की भांति वादकारियों व अधिवक्ताओं की आवाजाही के चलते कचहरी में रौनक लौटी। जमानत व दावों को दायर करने के लिए कोर्ट के कंप्यूटर केंद्र पर लोगों की भीड़ रही। अदालती कक्ष भी वादकारियों से भरे दिखे।
हापुड़ में अधिवक्ताओं के साथ हुई पुलिस की मारपीट के बाद समूचे प्रदेश में इस घटना के विरोध और अधिवक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता संघों की हड़ताल शुरू हो गई। जिसमें एटा की बार भी शामिल रहीं। जिसके चलते अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से पृथक रहने के कारण वादकारी तारीख लेकर वापस लौट जाते रहे। शासन और बार काउंसिल के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद पुलिस अधिकारियों के तबादला होने और प्रोटेक्शन कानून हेतु कार्रवाई के आश्वासन के बाद कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने सोमवार को काम शुरू करने का निर्णय लिया।
जिसके चलते सोमवार को अदालत परिसर में अधिवक्ताओं ने सुचारू रूप से काम आरंभ किया। ऐसे में वादकारी भी अपने मामलों की सुनवाई के लिए डटे रहे। जिसके चलते प्रत्येक न्यायिक कक्ष में वादकारियों की काफी संख्या देखी गई। वहीं कोर्ट के गलियारे व न्यायालय परिसर में भी वादी, प्रतिवादियों व उनके अधिवक्ताओं की आवाजाही के चलते भरे रहे। सर्वाधिक भीड़ सुबह के समय अदालत के कंप्यूटर कक्ष पर रही। जहां वादकारी व अधिवक्ता नए दावों व जमानत प्रार्थनापत्रों को कंप्यूटर में दर्ज कराने के लिए प्रयासरत रहे।