सिढ़पुरा के नाथूपुर में मंगलवार रात गृहस्वामी की हत्या के बाद लाखों का डाका पड़ गया। डाके की वारदात से गांव में दहशत फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया। मामले की प्राथमिकी पुलिस ने दर्ज कर ली है।
अशर्फीलाल मंगलवार रात घेर में सो रहे थे। बदमाश दीवार फांदकर उनके घर में घुस गए। बदमाशों ने उनकी गर्दन पर नुकीले हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद कमरे की कुंडी खोलकर 20 हजार की नकदी के अलावा गहने सहित दो लाख के जेवर ले गए।
सुबह परिवारीजनों के उन्हें लहूलुहान देख होश उड़ गए। सूचना पहुंची पुलिस ने शव पीएम के लिए भेजा। अशर्फीलाल के तीन बेटे रामप्रसाद, सतीश और धर्मेंद्र गाजियाबाद में नौकरी करते हैं।
जात पर गई थी पत्नी और पुत्र वधु
अशर्फीलाल की पत्नी सुदामा देवी और एक पुत्रवधु रेखा तीन दिन पहले कर्णवास बैलोन की जात करने गए थे। उनको हादसे की जानकारी बुधवार सुबह घर पहुंचने पर हुई, पत्नी सदमे में चली गईं।
सोजा बिल्ली होगी
घर पर अशर्फीलाल के अलावा उनकी 12 वर्षीय बेटी समस्या और छोटी पुत्रवधु रूबी थे। दोनों को रात में दरवाजे की आहट आई तभी समस्या ने उठकर देखा तो रूबी ने सोजा बिल्ली होगी कहकर उसे रोक दिया।