कोतवाली नगर प्रभारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे आरोपी मुकेश निवासी नई बस्ती भगीपुर को गौशाला के पास से दबोचा। जिसके कब्जे से एक तमंचा, अंगूठी बरामद हुई। थाने लेकर पूछताछ की गई तो आरोपी ने घटना कबूलते हुए लूटा गया जेवरात पांच अंगूठी सोने की, दो पैंडल, एक सोने की चेन, चार जोड़ी तोडिया चांदी, चार जोड़ी बिछिया जीटी रोड स्थित एक स्कूल के पास झाड़ियों से बरामद करा दीं। सभी जेवरातों पर जीजे (गुप्ता ज्वैलर्स) लिखा हुआ था। आरोपी से पूछताछ के बाद नगर प्रभारी ने बताया कि अतुल गुप्ता तथा मुकेश आपस में रिश्तेदार हैं और दोनों साझेदारी में प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते थे। पुलिस के अनुसार अतुल ने बिना बताए कई प्लाट बेच दिए थे। हत्या से करीब 12 दिन पूर्व अतुल, मनोज का मुकेश से झगड़ा हुआ था, अतुल ने मुकेश के पिता रामअवतार के साथ अभद्रता कर दी थी, इतना ही नहीं मारपीट तक भी हो गई थी। झगड़े के बाद मुकेश ने अतुल, मनोज को जान से मारने की धमकी दी थी। 20 अक्तूबर को आरोपी मुकेश ने अपने भाई अवनीश तथा मामा के लड़के गौरव पुत्र उमाशंकर निवासी नई बस्ती भगीपुर के साथ मिलकर गोली मारी थी। अतुुल की मौत हो गई थी, जबकि मनोज घायल हो गया था। बता दें कि मुकेश को पकड़ने के लिए पुलिस ने 25 सौ रुपये का इनाम भी रखा था।
कॉल रिकार्ड से हुआ खुलासा
पुलिस ने जब कॉल रिकार्ड खंगाला तो कई बार मुकेश ने फोन पर अतुल को जान से मारने की धमकी दी थी। कॉल रिकार्ड में हुए खुलासे के बाद पुलिस मुकेश की तलाश में जुटी थी।
यह हुई थी घटना
20 अक्तूबर 2014 को कोतवाली नगर के पुलिया गर्वी निवासी अतुल गुप्ता, मनोज गुप्ता घर लौट रहे थे। घर के पास पहुंचते ही बाइक सवार तीन लोगों ने दोनों भाइयों को गोली मार दी थी, जिसमें अतुल की मौत हो गई थी जबकि मनोज घायल हो गया था। बदमाश जेवरात लूट ले गए थे। मामले की रिपोर्ट बड़े भाई प्रदीप गुप्ता ने तीन अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध दर्ज कराई थी।
कोतवाली प्रभारी पर गिरी थी गाज
बता दें कि घटना के बाद इसी मामले में कोतवाली नगर प्रभारी को हटाया गया था, उसके बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी थी। इसके बाद विवेचना एसओ राजा का रामपुर को सौंप दी थी। मगर वह घटना का खुलासा करने में नाकामयाब रहे थे। अंत में विवेचना एसएचओ जमील मुहम्मद रावत को दी गई।