अपर सत्र न्यायाधीश शिवमणि शुक्ल ने पिता की हत्या के आरोपी पुत्र को दोषी पाकर आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
गांव बघनेरा बगनेरी निवासी शिवकुमार ने पहली नवंबर 11 को अमरिया थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई राजेश सुबह 8.30 बजे खेत की जुताई करने गया था। उस खेत का बंटवारा नहीं हुआ था। पिता लालाराम ने उससे कहा कि बगैर बंटवारे के खेत क्यों जोत रहे हो। इस बात से नाराज राजेश ने फावड़ा और चाकू से प्रहार कर पिता को मौत के घाट उतार दिया। शव को खेत पर छोड़कर शिवकुमार थाने आया था।
उसकी मां किशोरी देवी ने भी पति की हत्या अपनी आंखों से देखी थी। शासकीय अधिकवक्ता काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने कोर्ट में मृतक के पुत्र शिवकुमार और पत्नी किशोरी देवी के भी बयान दर्ज कराए। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश शिवमणि शुक्ल ने राजेश को दोषी पाकर आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
आरोपी को सात वर्ष कैद, जुर्माना
पीलीभीत। त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने बालिका को भगाने के आरोपी जहॉनाबाद के गांव कटैइया नवादा निवासी महेश को दोषी पाकर सात वर्ष कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है। महेश पर आरोप है कि उसने पांच जून 2011 को एक बालिका को बहला फुसलाकर भगाया।
इस मामले में रमेशचंद्र ने उसका सहयोग किया। जहॉनाबाद पुलिस ने 16 जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज की। 17 जून 2011 को लालपुर तिराहे से बालिका को बरामद किया गया। घटना के समय रमेशचंद्र किशोर पाया। उसका मामला किशोर अदालत में चल रहा है। कोर्ट ने महेश को दोषी पाकर सात वर्ष कैद और 20 हजार रुपया जुर्माना सुनाया है।