अलीगंज में हुए स्कूल बस हादसे के आरोपियों को पकड़ने के लिए बुधवार को पुलिस ने फर्रुखाबाद में दबिश दी। उधर, चुनाव प्रक्रिया का असर हादसे की जांच और कार्रवाई पर भी पड़ रहा है। अभी तक मजिस्ट्रेटी जांच शुरू नहीं हो पाई है। परिवहन विभाग के अधिकारी भी अभी स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक नहीं कर पाए है। माना जा रहा है कि चुनाव के बाद ही अब जांच और कार्रवाई पूरी होगी।
अलीगंज में 19 जनवरी को हुए स्कूल बस हादसे में 12 बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद शासन ने स्कूली वाहनों की चेकिंग के लिए सख्त निर्देश दिए, लेकिन जिले में चेकिंग अभियान की हवा निकल गई। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि चुनाव संबंधित ड्यूटी की व्यस्तता के चलते स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान नहीं चल पा रहा है। एआरटीओ आरसी भारती कहते हैं कि स्कूल वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। चुनाव के चलते अभियान ठीक से चल नहीं पाया। एसडीएम मोहन सिंह चुनाव में आरओ बनाए गए हैं और वह भी व्यस्त हैं। पुलिस मंगलवार को गिरफ्तार हुए स्कूल प्रबंधक अजीत कुमार के भाई सुधीर और प्रिंसिपल गोविंद श्रीवास्तव की तलाश मेें फर्रुखाबाद में दबिश दे रही है। समाचार लिखे जाने तक वह पुलिस के हाथ नहीं आए थे।