एटा। फर्रुखाबाद जिले के मेरापुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से युवक की मौत के बाद जहरीली शराब का अलीगंज कनेक्शन सामने आया है। खास बात यह है कि पिछले साल 16 जुलाई को जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत के बाद बैठाई गई मजिस्ट्रेट जांच भी अभी पूरी नहीं हो पाई है, लेकिन शराब माफिया फन उठाने लगे हैं। जल्द में ही अलीगंज क्षेत्र में जहरीली शराब बनाने के उपकरण बरामद होने के अलावा लहन नष्ट कराई गई थी।
अलीगंज क्षेत्र में पिछले साल जहरीली शराब पीने से 24 घंटे में 33 लोगों की मौत होने से कई परिवारों के चिराग बुझ गए थे। मामले में तत्कालीन डीएम अजय यादव ने मजिस्ट्रेट जांच बैठाई थी, लेिकन जांच पूरी होने से पहले एक बार फिर शराब माफिया जहरीली शराब के धंधे को चमकाने लगे हैं।
विगत शनिवार को अलीगंज से सटा फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना अंतर्गत घुरऊ शादी नगर में एक युवक की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी। मेरापुर थाना अलीगंज से सटा होने के कारण जहरीली शराब का अलीगंज कनेक्शन सामने आया है। शराब कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के लिए शराब में मिथाइल एल्कोहल और डीडीटी मिला रहे हैं। डीडीटी मिला कर बनी शराब पीने से मौत हो सकती है, जबकि मिथाइल एल्कोहल मिला कर बनाई गई शराब पीने से आंखों की रोशनी जा सकती है।
यही नहीं जिस वक्त अलीगंज में शराब पीने से 33 मौतें हुई थीं, उस वक्त फर्र्रुखाबाद और एटा जिले के बार्डर इलाके में भी जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत होने पर जहरीली शराब का अलीगंज कनेक्शन सामने आया था।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि शराब बनाने वालों के ठिकाने नष्ट हो चुके हैं। ऐसा कोई बड़ा मामला संज्ञान में नहीं है कि अवैध शराब दूसरे जिलों में भेजी जाए। एडीएम सतीश पाल सिंह का कहना है कि जहरीली शराब कांड की जांच आखिरी दौर में है। बिसरा रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट आने पर जांच का खुलासा होगा।