नगला मई के पास दरोगा की कार की टक्कर से भूसा लेकर जा रहे विजेंद्र (35) की मौत हो गई। हादसे के बाद दरोगा कार लेकर फरार हो गया। दुर्घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए फायरिंग कर ग्रामीणों को दौड़ा लिया।
लाठीचार्ज में मृतक के चाचा सहित कई ग्रामीण घायल हो गए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, इससे एक गाड़ी का शीशा टूट गया। इस दौरान आधे घंटे तक जाम रहा। घटना के बाद गांव में फोर्स तैनात किया गया है।
बागवाला के नगला मई निवासी विजेंद्र पुत्र बलवीर सिंह यादव बुधवार सुबह खेत से भूसा लेकर आ रहे थे। गांव के पास ही तेज गति से आ रही कार उनसे टकरा गई। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर जुटे लोगों ने कार सवार दरोगा का पीछा किया, लेकिन उसे नहीं पकड़ पाए तो सड़क पर लकड़ी रखकर जाम लगा दिया।
मृतक के चाचा दलवीर सिंह ने बताया कि वह जाम खुलवा रहे थे तभी सीओ सिटी एमपी सिलोनिया फोर्स के साथ आए और ग्रामीणों पर फायर करते हुए लाठी चार्ज का आदेश दिया। लाठी चार्ज में दलवीर के ज्यादा चोटें आईं, कई ग्रामीण भी घायल हो गए। दलवीर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एएसपी क्राइम अनूप कुमार के अनुसार जाम लगाए ग्रामीणों को समझाया गया, लेकिन वह नहीं माने और पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें एक पुलिस जीप के शीशे भी टूट गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए एंटीराइट गन का इस्तेमाल किया। बल प्रयोग कर जाम लगाए लोगों को खदेड़ा गया।
मामले में पांच से छह लोगों को हिरासत में लिया है। दलवीर ने सीओ सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी और जिलाधिकारी से शिकायत की है। दलवीर ने बताया कि टक्कर मारने वाला दरोगा बागवाला के गांव लोहाखार का रहने वाला है और मेरठ जोन में तैनात है। पुलिस अधिकारी उसे बचाने में जुटे हैं।