पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी एसके वर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब सात बजे अवागढ़ प्रभारी ने टीम के साथ गांव नगला राना में छापा मारा, जहां अवैध शस्त्र बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। साथ ही चार आरोपी भी हत्थे चढ़े, जबकि मुख्य सरगना रामगोपाल निवासी नगला राना भागने में सफल रहा। फैक्ट्री से एक बंदूक 315 बोर देशी, 6 बैरल बड़ी राइफल, 18 बैरल छोटी, 9 बैरल बड़ी 12 बोर, 8 बैरल छोटी 12 बोर तमंचे, तमंचा बनाने की 26 मशीन, 2 तमंचों की मशीन, दो बोर करने की सुरमी, 31 स्प्रिंग, 10 ट्गिर, 3 तीन पकेट पत्ती, हथौड़ा, वसूला, 6 आरी, 28 रेती, एक गैस सिलेंडर तथा भारी मात्रा में पुर्जे बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम शैलेंद्र, गजराज, सुरेंद्र निवासी भिसी थाना सिकंददाराऊ हाथरस, मनोज निवासी पीपल अड्डा कोतवाली नगर बताया। एसएसपी ने बताया कि आगामी पंचायत चुनावों में सप्लाई करने के लिए भारी मात्रा में हथियार बनाए जा रहे थे। मुख्य सरगना पड़ोसी जिलों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों में भी हथियारों की सप्लाई करता है, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है। बताया कि बीते साल सितंबर में भी रामगोपाल अपने घर में अवैध हथियार बनाते हुए पकड़ा गया था।
एक दिन के तय थे पांच सौ रुपये
आरोपियों ने बताया कि मुख्य सरगना से तमंचा बनाने के लिए रेट तय होते थे। एक दिन में तमंचा बनाने के लिए प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये लेते थे।
टीम को 15 हजार का इनाम दिया
अवैध शस्त्र फैक्ट्री का खुलासा करने पर एसएसपी ने टीम को पांच और डीआईजी अलीगढ़ ने 10 हजार रुपये का इनाम दिया है।