ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे कट्टरपंथी युवाओं ने श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद हालात हिंसक रूप धारण कर गए।
परिक्रमा में तैनात एसजीपीसी की टास्क फोर्स और कट्टरपंथी युवाओं के बीच हाथापाई हुई। मारपीट में एक दर्जन से अधिक युवक घायल हो गए। टास्क फोर्स और पंजाब पुलिस ने नारे लगाने वाले युवाओं को हिरासत में लिया और परिक्रमा से बाहर ले गए। परिसर के बाहर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने 50 से अधिक युवाओं को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार के 31 साल पूरे होने पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बाद दोपहर तक माहौल ठीकठाक रहा। इसके बाद परिक्रमा में मौजूद युवाओं ने नारेबाजी शुरू की और विवाद बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान कई युवाओं की पगड़ियां भी उतर गई। कट्टरपंथी युवक शुक्रवार शाम को ही श्री हरमंदिर साहिब पहुंच गए थे। सुबह श्री अकाल तख्त साहिब पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीच बीच में नारे लगते रहे।
कार्यक्रम के बाद जब संगत और कट्टरपंथी युवक बाहर जाने लगे तो पुलिस ने इन युवाओं को अंदर ही रहने को कहा। पुलिस को डर था कि यह युवक शहर में जाकर तोड़फोड़ या हालात खराब करने की कोशिश न करें। शाम होते ही इन युवाओं को जाने दिया जाएगा। इस कारण युवक परिक्रमा में घूमते रहे।
बाद दोपहर युवाओं ने परिक्रमा से बाहर को जाने की तैयारी करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद माहौल खराब हो गया। दर्शन के लिए आई संगत भी सहम गई। टास्क फोर्स और पुलिस कर्मियों ने युवाओं को नारेबाजी बंद करने को कहा लेकिन युवक नहीं माने और एसजीपीसी के टास्क फोर्स और युवाओं में मारपीट हो गई। मारपीट हिंसक हो कई और इसमें करीब एक दर्जन युवक घायल हुए। टास्क फोर्स के भी चार लोगों को कुछ चोटें आई।
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बार बार सिंह साहिबान और अन्य धार्मिक नेताओं की ओर से अपील की गई थी कि कार्यक्रम के दौरान शांतिमय माहौल बनाया जाए, लेकिन कुछ युवक शरारत की नीयत से ही आए थे। उनको नारेबाजी से रोका गया। जब वह नहीं माने तो एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने रुकने की अपील की। इस पर युवकों ने हाथापाई शुरू दी।
रूप सिंह, महासचिव, एसजीपीसी