गंगा खादर के कटरी के इलाकों में आपराधिक गतिविधियां संचालित होती रहती हैं। खादर के इलाके में छिपकर तमाम लोग देशी हथियार तैयार करते हैं और इन्हें आसपास के क्षेत्र के अलावा बाहरी राज्यों के लोगों को बेच देते हैं। कई बार ऐसे तथ्य सामने आ चुके हैं। जिले में गंगा की खादर का कई किमी का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में ना तो आम लोगों का आना जाता रहता है और ना हीं पुलिस की गतिविधियां इन इलाकों में चलती। जिससे निश्चित होकर हथियार बनाने वाले लोग अपना कारोबार करते रहते हैं।
पुलिस की आवाजाही इन इलाकों में गांव में कांबिग ऑपरेशन के दौरान होती है। सोरों सुन्नगढ़ी, सिकंदरपुर वैश्य, पटियाली का क्षेत्र अवैध हथियारों निर्माण के लिए जाना जाता है। बदायूं की सीमा से गंगा की खादर जुड़ी होने के कारण ऐसे कारोबारी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोग सीमा का लाभ भी उठाते हैं। जब कासगंज की पुलिस का कांबिग होती है तो लोग बदायूं की खादर सीमा में पहुंच जाते हैं और जब बदायूं की ओर से कांबिग ऑपरेशन होता है तो ऐसे अपराधी अपने जिले की सीमा में आ जाते हैं।
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ऐसी स्थिति के चलते पुलिस और अपराधियों के बीच तू डाल डाल मैं पात पात का खेल चलता रहता है। सुन्नगढ़ी के ग्रामीणों के बीच हुई फायरिंग के दौरान पुलिस ने सभी देशी हथियार भी बरामद किए। पुलिस अधिकारी भी बरामद हुए देशी पिस्टल को देखकर हैरत में थे।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सुन्नगढ़ी की घटना में यह स्पष्ट हो गया है कि कटरी के लोगों के पास देशी हथियार हैं और हथियार बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। कटरी में अवैध हथियार बनाने को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। कटरी के अलावा पूरे जिले में यह अभियान चलेगा।