जिला जेल में सुविधाओं के नाम पर बंदियों से अवैध वसूली के कई मामले उजागर हुए हैं। लेकिन जेल के एक सिपाही ने जेल प्रशासन पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया है। इसकी आवाज डीजी जेल तक पहुंच गई। डीजी के आदेश पर बुधवार शाम डीआईजी जेल आगरा केदारनाथ जांच के लिए जिला जेल पहुंचे।
जिला कारागार पिछले दिनों तमंचा और सिमकार्ड बरामद होने और बंदियों की एक समांतर सत्ता चलने के कारण सुर्खियों में रहा था। बंदियों और जेल कर्मियों के बीच संघर्ष भी हुआ था। इसमें कर्मचारी और बंदी घायल भी हुए थे। इस बार जेल में तैनात सिपाहियों ने जेल अधिकारियों पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाया है। आरोप लगाने वाले जेल के सिपाही बलवीर सिंह ने इसकी शिकायत डीजी जेल से भी की है। बलवीर सिंह नाम का यह सिपाही पिछले एक साल से जिला जेल में तैनात है। सिपाही का आरोप है कि उससे और उसके जैसे अन्य 29 सिपाहियों से प्रति हफ्ता 500 रुपये की वसूली की जा रही है। वसूली का यह काम अधिकारियों को देने और अन्य खर्चों के लिए जेल में तैनात हेड वार्डन बंदी रक्षक रामपाल करता है। सिपाही ने यह भी आरोप लगाया है कि इस प्रकार की वसूली पूरे जेल स्टाफ से की जाती है, लेकिन भय की वजह से कोई बताता नहीं है। उसने बताया कि इसकी शिकायत डीआईजी जेल तथा अन्य अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। साथ ही यह भी कहा कि वसूली का यह पैसा किस-किस के पास जाता है, यह उसे नहीं पता। साथ ही यहां तैनात सिपाहियों को सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। सिपाही द्वारा लगाए गए इन आरोपों से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या बोले डीआईजी जेल
अवैध वसूली की इस शिकायत पर डीजी जेल के आदेश पर वह जांच के लिए आए हैं। इस जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आरोप लगाने वाले सिपाही बलवीर सिंह का पिछला रिकॉर्ड अच्छा नहीं है और पहले भी कई बार वह निलंबित हो चुका है। फिर भी आरोपों की जांच की जा रही है।
-केदारनाथ सिंह, डीआईजी जेल आगरा।