अलीगढ़ से किराए पर गाड़ी लाकर मालिक और उसके सहयोगी की हत्या करने वाले आरोपियों को लेकर कोर्ट जा रही जा रही पुलिस गाड़ी पर मृतकों के परिवारीजनों ने पथराव कर दिया। थाने का घेराव कर जमकर हंगामा काटा। काफी दूर तक गाड़ी का पीछा भी किया गया। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एक शव भी बरामद किया है।
अलीगढ़ के देहली गेट मोहल्ला मेहताब निवासी पवन गाड़ी चलाने का काम करता है। उसका साथी विनोद बाहर गाड़ी जाने पर साथ में चला जाता था। 1 नवंबर को उसकी गाड़ी को गांधी पार्क बस स्टैंड से किराए पर अमांपुर के लिए लाया गया। गाड़ी में आठ लोग सवार थे। अमांपुर पहुंचने पर दोनों की हत्या कर शव को काली नदी में डाल दिया।
पुलिस ने लूटी गई गाड़ी को बेचने जाते समय वीनेश निवासी नगला भवानी, विक्रम निवासी नादरमई को सिढ़पुऱा रोड से गाड़ी सहित दबोच लिया। जबकि छह अन्य साथी फरार हो गए। पुलिस ने पवन के शव को नगला मोती के निकट काली नदी से निकाल लिया। जबकि दूसरे साथी का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है।
दोनों युवकों के परिवारीजन इस घटना की जानकारी मिलने के बाद अमापुर पहुंच गए।जब पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में लेकर आ रही थी तो परिवारीजनों ने थाने का घेराव करते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया।
पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को हटाया तो कई घायल हो गए। किसी तरह पुलिस दोनों आरोपियों को गाड़ी में लेकर निकली तो पुलिस की गाड़ी पर पथराव करते हुए पीछा शुरू कर दिया गया। परिवारीजनों के पीछा किए जाते देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। गाडी़ को दूसरे मार्ग पर डालकर पीछा कर रहे लोगो से बचाया गया। सूूचना मिलते ही एडीएम बाल मयंक मिश्र, एएसपी राधे मोहन भारद्वाज, क्राइम ब्रांच की टीम, कासगंज कोतवाली पुलिस पहुंची। इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में दोनों आरोपियों का मेडिकर कराकर उन्हें कोर्ट में पेश किया।