अस्पताल तिराहे के पास फर्रुखाबाद डिपो की बस की टक्कर से बाइक सवार युवक सुरेश (32) की मौत के बाद गुस्साए ग्र्रामीणों ने रोड पर शव रखकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान यहां से गुजरने वाले वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। पथराव कर कई वाहनों की शीशे तोड़ दिए। मुआवजा की मांग कर रहे ग्रामीणों ने ढाई घंटे शव नहीं उठने दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
थाना निधौलीकलां के नगला धीमर निवासी सुरेश पुत्र रमेश की कस्बा जैथरा में ससुराल है, वह यहां किराए पर रहकर हेयर ड्रेसिंग की दुकान चलाता था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे वह दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहा था। नेहरू इंटर कालेज और अस्पताल तिराहे के पास सड़क पार करते समय एटा की ओर से आ रही रोडवेज बस की चपेट में आ गया। सिर में चोट लगने से सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक बस छोड़ कर फरार हो गया।
सूचना पर पहुंचे उसके परिवारीजनों, ससुरालियों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव सड़क पर रख कर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश तो आक्रोशित लोगों ने वहां से गुजर रहीं रोडवेज बसों, ट्रकों और निजी वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। एसडीएम मोहन सिंह और सीओ अलीगंज परशुराम सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर ढाई घंटे बाद जाम खुलवा सके। मृतक के ससुर रामप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्थिति बिगड़ती देख बुलाया अन्य थानों का फोर्स
जाम लगाए बैठे ग्रामीणों से शव छुड़ाने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों के गुस्सा के आगे पुलिस को अन्य थानों का फोर्स भी बुलाना पड़ा। एसडीएम के आश्वासन के बाद भी पुलिस को ग्रामीणों के चंगुल से शव कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजने में पसीने छूट गए।