एटा। अलीगढ़ में हुए दंगे के मुख्य आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व महामंत्री विनय वार्ष्णेय को देर रात पुलिस ने एटा जेल में शिफ्ट कर दिया, यहां उन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। वहीं कोरोना वायरस के चलते विनय को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है। शुक्रवार को उनसे यहां कोई मिलने नहीं पहुंचा।
मंडल मुख्यालय पर 23 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर ऊपरकोट पर धरना दे रहीं महिलाओं को पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने के बाद दंगा भड़क गया था। इसमें दोनों पक्षों की ओर से पथराव और फायरिंग की गई थी। आरोप है कि विनय वार्ष्णेय ने भी इस दौरान फायरिंग की, जिसमें तारिक नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं बृहस्पतिवार को उनके परिजनों को तीस लाख रुपये का चेक दिया गया था।
बाबरी मंडी निवासी दिनेश वार्ष्णेय के पुत्र विनय वार्ष्णेय भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष मनोज शर्मा के साथ महामंत्री रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी का भाजपा और हिंदू संगठनों ने विरोध किया। लेकिन मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते विनय को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। वहां सुरक्षा के दृष्टिगत महफूज न पाते हुए एटा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
जिला कारागार में दो शिफ्ट सुबह 11 और दोपहर एक बजे की मिलाई के दौरान विनय से मिलने कोई नेता और परिजन नहीं पहुंचा। जिला कारागार अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि कारागार में किसी भी बंदी को अलग से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है, विनय को सामान्य बंदियों के साथ ही रखा गया है। फिलहाल उन्हें दस दिन तक कोरोना वायरस के चलते जेल में अलग रखा गया है, समयावधि पूरी होने पर उन्हें सामान्य बंदियों के साथ शिफ्ट कर दिया जाएगा।