पति की हत्या करने वाली महिला और उसके प्रेमी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्या करके पड़ोसी जिले में लाश फेंकी थी। पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया।
उत्तर प्रदेश के एटा में पति की हत्या करने वाली महिला और उसके प्रेमी को अपर सत्र न्यायाधीश निशांत शैव्य ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन लोगों ने करीब चार साल पहले गला घोंटकर शव को अकराबाद थाना क्षेत्र, अलीगढ़ में फेंक दिया था। जो वहां के चौकीदार को लावारिस हाल में मिला। पुलिस द्वारा छपवाए गए पंफलेट के आधार पर मृतक के पिता ने पांच दिन बाद पहचान की थी।
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मामले की रिपोर्ट अलीगढ़ के थाना अकराबाद में कप्तान सिंह निवासी ग्राम पुराहार बुलाकी नगर थाना अलीगंज ने 10 फरवरी 2020 को दर्ज कराई थी। बताया कि उनका पुत्र देवेंद्र उर्फ दुशेंद्र (40) अपने दो नाबालिग बच्चों और पत्नी राधा के साथ एटा शहर के शांतिनगर में रहता था। 5 जनवरी 2020 को जब मैं वहां गया तो पुत्रवधू मिली।
देवेंद्र के बारे में पूछने पर बताया कि वह 2 जनवरी को सुबह 6 बजे काम से नोएडा गए हैं। नोएडा सहित अन्य स्थानों पर तलाश करने पर वह नहीं मिले। 6 जनवरी को कोतवाली नगर एटा में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। वहां अकराबाद पुलिस द्वारा छपवाए गए पंफलेट दिखाए गए तो पुत्र की पहचान की। इसके बाद घर आकर मैंने और परिजन ने पुत्रवधू से कड़ाई से पूछताछ की।
इसमें उसने कबूला कि 1 जनवरी की रात उसने अपने प्रेमी संजय यादव निवासी नगला चमन थाना जसरथपुर व दो अज्ञात लोगों को बुलाकर गला घोंटकर देवेंद्र की हत्या कर दी और शव को अकराबाद थाना क्षेत्र के गांव रामपुर लधौआ में जीटी रोड किनारे ले जाकर फेंक दिया। 2 जनवरी को यह शव गांव के चौकीदार को अज्ञात हाल में मिला था। मामला एटा से जुड़ा होने के कारण विवेचना को कोतवाली नगर स्थानांतरित कर दिया गया।
न्यायाधीश ने सभी गवाहों व सबूतों को परखा और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संजय यादव और राधा को दोषी ठहराया। दोनों को आजीवन कारावास और 1.10 लाख अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मां के खिलाफ बेटी की गवाही से मजबूत हुआ केस
जिस रात देवेंद्र की हत्या की गई, उसकी नाबालिग बेटी भी उसी कमरे में सोई हुई थी। अदालत में उसने अपनी मां के खिलाफ गवाही दी तो अभियोजन पक्ष की ओर से केस अधिक मजबूत हो गया। बेटी ने बताया मम्मी, पापा, मैं और भाई कमरे में सो रहे थे। मम्मी के मोबाइल पर कॉल आया और उन्होंने दरवाजे की कुंडी खोल दी।
संजय यादव सहित तीन लोग अंदर आए। मम्मी ने चारपाई के नीचे से केबल निकालकर उन्हें दे दी। जिसे संजय ने पापा के गले में बांध दिया और मम्मी ने पापा के पैर पकड़ लिए। इनमें से एक आदमी ने मुझे चुप रहने की कहकर जान से मारने की बात कहकर डराया भी।
चली गई थी राधा, पंचायत में देवेंद्र ने संजय को मारे थे थप्पड़
अदालत में विचारण के दौरान यह बात भी सामने आई कि 16 सितंबर 2019 को राधा अपने प्रेमी संजय के साथ चली गई थी। बाद में वापस आई तो संजय को बुलाकर पंचायत की गई। संजय और उसने फिर आपस में संबंध न रखने की बात कही। देवेंद्र ने पंचायत के दौरान ही संजय को चार-पांच थप्पड़ मारे थे। इससे अपमानित संजय ने राधा संग मिलकर हत्या की साजिश रच ली थी।