उत्तर प्रदेश के एटा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट विकास गुप्ता ने बीएएसी की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी ठहराया। उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा और 40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
शहर के रहने वाले व्यक्ति ने 2 अप्रैल 2017 को थाना पिलुआ में मुकदमा दर्ज कराया। बताया कि उसकी पुत्री बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। जो रोजाना की तरह दोपहर बाद 3.30 बजे कोचिंग गई थी। मेरे मोबाइल पर शाम 7 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आई कि मेरी बेटी अरथरा पुल हजारा नहर में कूद गई है।
इस आधार पर नहर में तलाश की गई। लेकिन वह नहीं मिली। बाद में जिस नंबर से कॉल आई, उसकी जांच-पड़ताल के आधार पर पुलिस ने 25 मई 2017 को चौथा मील से बेटी के साथ आरोपी श्रवण कुमार निवासी गांव बाबरपुर थाना कोतवाली देहात को गिरफ्तार किया।
युवती के पिता ने बताया कि श्रवण उनके घर पुताई का काम कर चुका है। अदालत में गवाही के दौरान युवती ने बताया कि पिता का एक्सीडेंट होने की झूठी खबर देकर श्रवण धोखे से उसे अपने साथ हाथरस ले गया। जहां 1 महीने 22 दिन एक कमरे में रखकर हर दिन उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इससे वह गर्भवती भी हो गई।