एटा। रिश्तेदार युवती को बीए और बीएड कराने के लिए घर पर रखा, इसके बाद दुष्कर्म कर दिया। जब वह गर्भवती हो गई तो पत्नी भी षड्यंत्र में शामिल हो गई और गर्भपात कराने के लिए अलीगढ़ ले गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) की ओर से दोषी पति और उसकी पत्नी को 10-10 साल की कैद सुनाई है। वहीं, भाइयों को धमकी देने के आरोप में चार-चार साल की सजा व अर्थदंड से दंडित किया गया है।
थाना कोतवाली देहात के एक गांव निवासी उमाकांत ने एक रिश्तेदार युवती को बीए-बीएड कराने के लिए घर पर रख लिया। आरोप है कि इस दौरान रमाकांत ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वर्ष 2011 में जब युवती गर्भवती हो गई तो उमाकांत की पत्नी ने किसी को भी कुछ नहीं बताने के लिए युवती पर दबाव बनाया और उसका गर्भपात कराने अलीगढ़ एक निजी चिकित्सक के पास ले गई।
गर्भपात के दौरान युवती की तबियत बिगड़ गई तो उसने युवती को वहीं पर छोड़ दिया।
इसके बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को बुलाया, इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गई। इसके बाद पीड़िता ने उमाकांत पर दुष्कर्म करने, पत्नी पर षड्यंत्र में सहयोग, आरोपी के भाई दो भाइयों पर कार्रवाई नहीं करने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में की गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी श्रीकृष्ण यादव की ओर से पैरवी की गई। विद्वान न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा ने शनिवार देरशाम गवाह और साक्ष्यों के आधार पर दोषी उमाकांत को 10 साल की सजा व 60 हजार रुपये जुर्माना, उसकी पत्नी को 10 साल की सजा 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, उसके दोनों भाइयों को चार-चार साल की कैद सुनाई है।