एटा। जलेसर थाना क्षेत्र में अप्रैल 2015 में शौच के लिए गई किशोरी से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान दोषसिद्ध पाए जाने पर आरोपी को 10 साल कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम विकास गुप्ता की अदालत में शनिवार को सुनवाई गई। अदालत ने गवाह और साक्ष्य को आधार मानकर मुकेश निवासी अरबगढ़ थाना जलेसर को दोषी पाया। इसके बाद आरोपी को 10 वर्ष कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अर्थदंड की 50 फीसदी रकम पीड़िता को देने के भी आदेश जारी किए गए।
विशेष लोक अभियाजक पॉक्सो कोर्ट श्रीकृष्ण यादव और विनय शर्मा ने बताया कि 24 अप्रैल 2017 की शाम करीब 7.30 बजे गांव के बाहर खेतों में 15 वर्षीय किशोरी शौच के लिए गई थी। तभी मुकेश ने जबरन पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात की गई थी। किशोरी की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पहुंचे थे। तब मौके से ही आरोपी को पकड़ लिया गया था। इसके बाद पुलिस के सुपुर्द किया था। किशोरी के भाई ने वारदात वाले दिन ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दुष्कर्मी को सजा दिलाने के लिए साक्ष्यों को एकत्रित किया गया और गवाहानों के बयान कराए गए। इसके बाद अदालत ने दोषी माना और सजा सुनाई गई है।