एटा के निधौलीकलां क्षेत्र के रसीदपुर गांव में पति-पत्नी के शव खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच विवाद की बात सामने आई है, जांच जारी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एटा में शादी के 14 वर्ष बाद भी संतान सुख नहीं मिलने और इसके तनाव में गृहक्लेश से परेशान दंपती ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पहले पत्नी ने फंदा लगाकर जान दे दी। इसके बाद पति ने भी उसी पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव मंगलवार की देर शाम उनके खेत पर एक ही पेड़ से लटके मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का कारण हैंगिंग (खुद फंदा लगाना) आया है।
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रसीदपुर निवासी भानु प्रताप (35) और उसकी पत्नी रामा देवी (30) ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। उनकी 14 वर्ष पहले शादी हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं हुई। उन्होंने अलीगढ़, आगरा इलाज भी कराया लेकिन संतान सुख नहीं मिल सका। इसको लेकर दोनाें में अनबन रहने लगी। मंगलवार की सुबह भी उनमें कहासुनी हो गई।
इसके बाद दोनों भट्ठे पर काम करने चले गए। दोपहर में रामा देवी घर जाने की बात कहकर भट्ठे से चली आई। वह घर नहीं जाकर खेत पर पहुंची। वहां पेड़ पर साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। शाम को पति भानु घर पर आया। वहां रामादेवी मौजूद नहीं थी। वह तलाश करता हुआ खेत पर पहुंचा। वहां पेड़ पर पत्नी का शव देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। कुछ देर बाद उसने भी रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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देर शाम को ग्रामीणों ने दोनों के शव देखे तो मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। ग्रामीण शव को उतारकर घर पर ले आए। घटना की सूचना पर पुलिस भी गांव में पहुंच गई। मौत का कारण जानने के लिए दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। एसएसपी डाॅ. इलामारन जी और एएसपी श्वेताभ पांडे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एएसपी एटा डाॅ. इलामारन ने बताया कि दोनों की शादी 14 वर्ष पूर्व हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी। इसी के चलते दोनों में मनमुटाव और विवाद होता था। इसी वजह से आत्महत्या की बात जांच में सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण हैंगिंग आया है।