अस्पताल के वीवीआईपी कमरे मे भर्ती स्टाफ नर्स। संवाद
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एटा। कोरोना टीकाकरण कराने के बाद दो महिला स्वास्थ्यकर्मियों की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने एक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, उसके परिजन सैफई रेफर की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी स्टाफ नर्स घर पर ही उपचार ले रही हैं।
जिला अस्पताल में 36 वर्षीय मीना स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं। मीना ने बताया उन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत है। शनिवार को जिला अस्पताल में कोरोना टीकाकरण कराने कराने से मना किया लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। टीकाकरण केआठ घंटे बाद उन्हें घबराहट होने लगी। तेज बुखार के साथ उल्टी, शरीर में दर्द व एक हाथ सुन्न हो गया। रात को घर पर रखी दवा खाई, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला।
सुबह परिजन उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक डॉ. मुकेश परमार और डॉ. राहुल वार्ष्णेय द्वारा उनका उपचार शुरू किया गया। वहीं मीना के पति विराज का कहना है कि उपचार से कोई फायदा नहीं हुआ है। वह सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहते हैं, लेकिन रेफर नहीं किया जा रहा है। वह बिना रेफर स्लिप के ही सैफई ले जाएंगे। वहीं एक अन्य स्टाफ नर्स आरती को भी वैक्सीन लगवाने के बाद यही शिकायत हुई, फिलहाल वह घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।
शनिवार को मुझे भी कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। बुखार व दर्द की हल्की शिकायत हुई, लेकिन अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। बुखार आना इस बात का प्रमाण है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है।
डॉ. मुकेश परमार, चिकित्सक जिला अस्पताल
महिला स्वास्थ्यकर्मी को बुखार आने की शिकायत है। चिकित्सकों की टीम द्वारा उसका इलाज किया गया। उसकी हालत अब पहले से ठीक है, स्वास्थ्य टीम द्वारा उसको देखा जा रहा है। वहीं मैं खुद देखकर उसे आया हूं।
डॉ. अरविंद गर्ग, सीएमओ