एटा। यहां रात दो बजे से लगने वाली मंडी में किसान, आढ़तिया, मजदूर सहित ग्राहकों की ऐसी भीड़ उमड़ती है कि सामाजिक दूरी का पालन छोड़िए पैर रखने तक की जगह नहीं होती है। वहीं, लोग इस दौरान मॉस्क का भी उपयोग नहीं कर रहे हैं। इससे हालात कभी भी भयावह हो सकते हैं। कई सब्जियां और फल बाहरी मंडियों से यहां तक पहुंचता है।
अलीगंज रोड पर बनी कृषि उत्पादन एवं फल-सब्जी मंडी में रात दो बजे से कारोबार शुरू हो जाता है, बुग्गी, ट्रैक्टर, ई-रिक्शा सहित मेटाडोर आदि में लदकर सब्जियां और ट्रक व डीसीएम में लदकर फल पहुंच जाते हैं, रात में ही किसान और आढ़तियों सहित मजदूरों के पहुंच जाने से भीड़ शुरू हो जाती है।
सुबह चार बजते-बजते यहां दुकानदारों और ग्राहकों की भीड़ भी उमड़नी शुरू हो जाती है। पांच से सात बजे तक यहां का माहौल डराने वाला हो जाता है। कारण इतनी भीड़ में पैदल निकलना मुश्किल भरा होता है। ऐसे में सामाजिक दूरी का पालन तो बहुत दूर की बात है।
दिल्ली, आगरा से आते हैं फल
सीजन के फलों में आम, संतरा, अंगूर सहित सेब, केेला, पपीता आदि दिल्ली, आगरा और कानपुर की मंडियों से आते हैं। आगरा और दिल्ली में कोरोना वायरस का प्रभाव है। ऐसे में यहां भीड़ में संक्रमित किसी भी समय अपना असर छोड़कर शहर से लेकर गांव तक की आबादी को प्रभावित कर सकता हैं।
कराया जाएगा सामाजिक दूरी का पालन
अभी तक फल और सब्जी मंडी में दुकानें दूर-दूर लग रही थीं। गेहूं खरीद के चलते इन्हें एक स्थान पर किया गया है। शुक्रवार को मंडी नहीं जा सका, यदि हालात वास्तव में खराब हैं और सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है तो शनिवार को सुबह मंडी का निरीक्षण कर व्यवस्था बनाई जाएगी।
-एसपी वर्मा, सभापति मंडी