पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद चिकित्सकों की टीम।
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एटा। जली हुई महिला का इलाज कराने परिजन दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल ले गए थे। यहां कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी तो परिजन बिना डिस्चार्ज कराए ही घर ले आए थे। घर पर शुक्रवार की सुबह महिला की मौत हो गई। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने जिला अस्पताल पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पहले महिला की कोरोना संक्रमण की जांच होगी। उसकी रिपोर्ट आने पर ही उसका पोस्टमार्टम संभव है।
थाना सकीट क्षेत्र के गांव सलेमपुर साहनी निवासी शिवानी (22) पत्नी गौरव की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने पहले मरीज की हिस्ट्री जानी और जब पता चला कि महिला दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल से लौटी है तो उन्होंने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया।
महिला शिवानी 15 मार्च को घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थी। महिला को ससुरालीजन पहले जिला अस्पताल लेकर आए, यहां से आगरा ले गए। स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलने पर महिला को दिल्ली स्थित सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया था। पोस्टमार्टम हाउस पर डॉक्टर ने परिजनों से महिला का कहां इलाज कराया आदि तमाम जानकारी कीं।
डॉक्टर को बताया गया कि दिल्ली स्थित सफदरगंज में भी इलाज चला और बिना डिस्चार्ज कराए ही घर ले आए। इस पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने महिला के शव के कोरोना वायरस के सैंपल जांच को भेजे हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि महिला का इलाज दिल्ली स्थित सफदरगंज अस्पताल में चल रहा था।
बाद में परिजन उसे बिना डिस्चार्ज उसने और परिजनों ने वहां से यहां तक यात्रा की है। ऐसे में कोरोना वायरस की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। कोरोना वायरस की सैंपल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा।