फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना के मरीज से मिलने वाले लोग स्वयं पहुंचे अस्पताल

विज्ञापन
ऐंबुलेंस से संदिग्धों को लेजाते स्वाथ्यकर्मी। - फोटो : ETAH
विज्ञापन
मिरहची। कस्बा मारहरा के मां और बेटा कोरोना पॉजिटिव मरीज से मिलने के कारण खुद को चेक कराने सीएचसी पहुंच गए। यहां से दोनों को क्वारंटीन के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। कस्बा मारहरा के मोहल्ला चोबदार निवासी शैलेन्द्र की ससुराल कासगंज में है, जहां पर उसका साला कुलदीप थोक किराना व्यापारी है।
विज्ञापन

वह कोरोना पॉजिटिव निकला है। संक्रमित होने पर शैलेंद्र और उसकी मां यशेबाला उससे मिल कर आये हैं। जब उनके साले की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है, उसके बाद वे सोमवार की रात आठ बजे सीएचसी पर चेकअप कराने को पहुंच गए थे। वहीं, एक दुकानदार ज्ञानी निवासी बड़ा बाजार भी कासगंज से कुलदीप से सामान लाता है।
सुबह उसके सर में दर्द हुआ तो कुलदीप की खबर सुन घबराता हुआ पीएचसी मिरहची पहुंच गया। उसने बताया कि वह भी उसी दुकानदार से कई बार सामान लाया है। डॉक्टरों ने बताया कि वह स्वस्थ है। उधर, लोगों ने गलियों में बैरियर लगा दिए हैं, जिससे कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अंदर न आ सके।
विज्ञापन

देहरादून से लौटे बेटे को घर में प्रवेश से पहले ले गए अस्पताल
एटा/निधौलीकलां। लॉकडाउन की पहली अवधि समाप्त होने से पूर्व मिली ढील का फायदा कुछ लोगों ने उठाया है। जिले में भी एक युवक इसी दौरान आया तो खलबली मच गई। देहरादून से आए बेटे को घर में घुसने से पहले ही पिता जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। निधौलीकलां निवासी दुकानदार रामनिवास का बेटा कुलदीप देहरादून में काम करता है।
वह मंगलवार की सुबह देहरादून से कष्टमय सफर तय कर जब घर पर पहुंचा तो परिजन अचंभित रह गए। पिता रामनिवास ने उसे गले लगाने के लिए घर में प्रवेश से पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच लिए जाने को कहा। वे भी साथ गए और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को पूरी बात बताई।
आग्रह किया कि वह जांच कर लें कि बेटे में किसी तरह के कोरोना वायरस के लक्षण तो नहीं हैं। डाक्टरों ने उसकी जांच की, जिसमें वह सामान्य पाया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिवम गुप्ता ने जागरूक पिता की तारीफ की। उन्होंने कुलदीप को घर में 14 दिन तक अलग कमरे में रहने और मास्क लगाने की सलाह दी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें