एटा। कोराना वायरस के गंभीर मामले में भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अस्पतालों से संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) की टेस्टिंग ट्यूब में रखने के बाद उसके लगे स्टीकर पर नाम लिखने में लापरवाही बरती जा रही है।
इससे नाम मिट जा रहे हैं। सूची व पैकिंग के नाम का मिलान न होने पर नमूने रिजेक्ट किए जा रहे हैं। मिलान में देरी से रिपोर्ट भी तीन से चार दिन में आ रही है। सोमवार को अलीगढ़ में छह नमूने रिजेक्ट कर दिए गए। जिले में कोरोना जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में सभी संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए अलीगढ़ भेजा जाता है।
संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर वीटीएम में विशेष प्रकार के केमिकल में सुरक्षित पैक करते हैं। उस टेस्टिंग ट्यूब पर लगे स्टीकर पर नाम मिट जा रहे हैं। इसी को लेकर बीते दिनों जिले से गए सैंपल को जांच के लिए सोमवार को अलीगढ़ में निकाल दिया गया। जहां सूची के हिसाब से छह नमूनों में नाम अस्पष्ट थे। इस पर अलीगढ़ की टीम ने छह नमूनों को रिजेस्ट कर दिया। उन्होंने यह नमूने दोबारा मांगे हैं।
जिले में सूची के हिसाब से ही नमूने भेजे जा रहे हैं। वहीं, वीटीएम वायल पर लगे स्टीकर पर संदिग्ध का नाम भी लिखा जा रहा है। हो सकता है किसी और कारण से नाम नहीं पढ़ने में दिक्कत आ रहा हो। इसके चलते छह सैंपल निरस्त किए गए हैं। उन्हें दोबारा जांच को भेजा जाएगा।
-डॉ अजय अग्रवाल, सीएमओ