एटा। कोरोना वायरस के चलते प्रतिदिन संदिग्ध आठ मरीजों के सैंपल जांच को जाने के निर्देश हैं, लेकिन जिले में सैंपलिंग की स्थिति बहुत धीमी गति से है। इसको लेकर जेडी स्वास्थ्य डॉ. सीएस कनौजिया ने सीएमओ को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में हजारों की संख्या में लोग नोएडा, आगरा, महाराष्ट्र सहित गैरप्रांतों से आए हैं। इनमें से सैकड़ों मरीजों की जांच के लिए कॉल सेंटर पर कॉल आ रही हैं। जहां संदिग्धों के यहां टीम पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर खानापूरी कर देती है। जिले में डेरा डाले लखनऊ से आए जेडी डॉ. सीएस कनौजिया ने बताया कि जिले में अभी कोई कोरोना का पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है।
जब उनसे संदिग्धों की जांच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शासन से प्रतिदिन आठ मरीजों की सैंपलिंग करने के निर्देश हैं। जिले में अभी तक 17 संदिग्ध मरीजों के सैंपल भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्धों की सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि प्रतिदिन आठ मरीजों की सैंपलिंग की जाए।
संदिग्धों की होगी जांच
अभी तक क्वांरटीन किए गए संदिग्धों की जांच की जा रही थी। बृहस्पतिवार से गैरजनपदों व प्रांतों से जो संदिग्ध आए हैं, वह कोई बीमारी से ग्रसित हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी।
-डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
‘आईएमए के डॉक्टरों से लिया जाएगा सहयोग’
एटा। कोरोना वायरस से निपटने में अगर स्टाफ की जरूरत पड़ी तो आईएमए से इसमें सहयोग लिया जाएगा। यह जानकारी जेडी स्वास्थ्य ने दी। उन्होंने कहा कि जिले में 25-25 स्वास्थ्य कर्मचारियों के हिसाब से 4 टीमेें बनाई गई हैं। यह टीम अपनी स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। जेडी स्वास्थ्य डॉ. सीएस कनौजिया ने कहा कि जिले में अभी सब कुछ ठीक चल रहा है। किसी भी गंभीर समस्या से निपटने के लिए विभाग ने रोड मैप तैयार किया है।
इसके लिए जिले के आईएमए संगठन से सहयोग लिया जाएगा। सहयोग करने के लिए आईएमए के अध्यक्ष से बात हो गई है। जेडी ने कहा कि लेवल वन व क्वारंटीन अस्पताल के लिए दो-दो टीमें बनाई गई है। प्रत्येक टीम में 25 सदस्यों की है। जहां टीम 15 दिन लगातार ड्यूटी करेगी। इसके बाद दूसरी टीम को लगाया जाएगा। अगर जिले में कोरोना वायरस की समस्या गंभीर होती है तो आईएमए के सदस्यों से सहयोग लिया जाएगा। संवाद