एटा की ठंडी सड़क स्थित गैस एजेंसी पर पूछतांछ के लिए काउंटर पर खड़े लोग। संवाद
एटा। जिले में इन दिनों उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलिंडर की बुकिंग और आपूर्ति व्यवस्था में आ रही दिक्कत से लोगों को दिन में गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, रात में जागकर उन्हें ऑनलाइन बुकिंग कराने की कवाद करनी पड़ रही है। इतनी परेशानी के बाद भी उन्हें समय पर गैस नहीं मिल पा रही है जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका असर जिला स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। जिले में गैस सिलिंडर की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सुबह होते ही शहर और कस्बों की गैस एजेंसियों तथा गोदामों पर उपभोक्ताओं की भीड़ जुटने लगती है। कई लोग सुबह-सुबह गांवों से एजेंसी पहुंच जाते हैं लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी तभी गैस सिलिंडर मिल सकेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता और बुजुर्ग लोग अधिक परेशान हो रहे हैं जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी कम है। गांव उद्देतपुर निवासी कांता प्रसाद ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह से ही एजेंसी पहुंचने के बाद भी कर्मचारियों ने यह कहकर वापस कर दिया कि पहले बुकिंग कराओ तभी सिलिंडर मिलेगा। कहा कि दिनभर एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जबकि बुकिंग के लिए रातभर फोन व इंटरनेट पर प्रयास करना पड़ता है। उधर उपभोक्ता उर्मिला देवी ने बताया कि उनके घर में गैस खत्म हो चुकी है। बेटे ने पूरी रात फोन से बुकिंग कराने की कोशिश की लेकिन बार-बार लाइन व्यस्त बताती रही। सुबह करीब चार बजे किसी तरह बुकिंग तो हो गई लेकिन मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया। एजेंसी पर जानकारी लेने पर कर्मचारियों ने साफ कह दिया कि जब तक ओटीपी नहीं आएगा बुकिंग मान्य नहीं होगी। ऐसे में अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या किया जाए। इसी तरह उपभोक्ता अमरीश कुमार ने बताया कि एक ओर प्रशासन की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है लेकिन दूसरी ओर उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपना रोजमर्रा का काम छोड़कर दिनभर एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और रात का समय बुकिंग कराने में बीत रहा है। इससे आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था कई बार तकनीकी कारणों से काम नहीं करती जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों पर एक अलग काउंटर की व्यवस्था की जाए जहां कर्मचारी उपभोक्ताओं की बुकिंग स्वयं कर सकें। इससे खासकर ग्रामीण व बुजुर्ग उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी और एजेंसियों पर भीड़ भी कम होगी।
जिले में बढ़ती इस समस्या को लेकर अब उपभोक्ता प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और गैस आपूर्ति को सुचारु करने की मांग कर रहे हैं जिससे लोगों को रसोई गैस के लिए भटकना न पड़े।
ऑनलाइन बुकिंग में हो रही परेशानी
कस्बे में आसानी से गैस उपलब्ध हो जाती थी जिससे कभी एजेंसी पर आने की आवश्यकता नहीं हुई। ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही रातभर बुकिंग का प्रयास किया मजबूरन किराये ऑटो कर बच्चों सहित गांव से यहां आए हैं। -रैनू देवी, निधौली कलां
-
गांव से सुबह ही एजेंसी पर आ गए बुकिंग सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। ऑनलाइन बुकिंग हो भी जाती है तो ओटीपी नहीं आ रहा इसका कोई स्थाई समाधान होना चाहिए। एक अलग काउंटर लगाकर बुकिंग होनी चाहिए जिससे लोगों का आसानी से गैस मिल सके।-प्रमोद कुमार, जमलापुर
एटा की ठंडी सड़क स्थित गैस एजेंसी पर पूछतांछ के लिए काउंटर पर खड़े लोग। संवाद