एटा। जनपद में चल रही तीन परियोजनाओं के निर्माण ने सांस के रोगी बढ़ा दिए हैं। निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल से लोगों को समस्या के साथ ही बीमारी का भी सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ रही है। शहर के अलग-अलग स्थानों पर सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। जिसके लिए खोदाई की जा रही है। जहां लाइन डालने का काम पूरा हो गया है, वहां भी सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। इसके चलते धूल उड़ती रहती है। धूल के सूक्ष्म कण हवा को प्रदूषित कर रहे हैं।
इससे बढ़ रहे प्रदूषण का असर सीधा लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दमा और सांस के रोगियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ रही है। इसके अलावा जवाहर तापीय परियोजना और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। इससे भी धूल और प्रदूषण में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. चेतन चौहान ने बताया कि वायु प्रदूषण से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। धूल के कारण सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। हाल में प्रतिदिन 30-35 लोग इस तरह के आ रहे हैं।
धूल से बचने में बरतें यह सावधानी
डॉ. चौहान ने बताया कि सांस के रोग से बचने के लिए मास्क लगाना बेहतर है। मधुमेह रोगी नियमित जांच कराते रहें। दिनचर्या व्यवस्थित रखें। सुबह-शाम टहलने निकलें तो पार्क पहुंचने तक मास्क जरूर लगाएं। घबराहट, घुटन सहित अन्य कोई परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।