व्यापारी नेता बनवारीलाल कंछल पर हमले के विरोध में व्यापार मंडल कंछल गुट के आह्वान पर जिले में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। शहर में सुबह दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, वहीं देहात क्षेत्रों में बंद का कोई असर दिखाई नहीं दिया। दोपहर बाद शहर में भी बाजार खुल गए। दूसरी तरफ मिश्रा गुट ने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे। इस दौरान व्यापारी नेताओं ने शहर में घूम-घूमकर खुली दुकानों को बंद कराया। कुछ मान गए तो कुछ नहीं माने। बाद में जुलूस निकालकर सीओ सिटी करन सिंह को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाजार बंदी से करोड़ों का कारोबार भी प्रभावित रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व पीएसी जगह-जगह तैनात रही।
गत 17 नवंबर को लखनऊ में व्यापारी नेता बनवारीलाल कंछल की कुछ अधिवक्ताओं द्वारा की गई पिटाई के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर व्यापारियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा था। इसी के तहत गुरुवार को बंद का आह्वान किया गया था। जिले की तहसील जलेसर, अलीगंज के अलावा कस्बा मारहरा, मिरहची, राजा का रामपुर, जैथरा, अवागढ़ आदि अन्य जगहों पर बाजार रोज की तरह खुले। यहां बंदी बेअसर रही। न ही व्यापारी नेताओं ने बाजार बंदी के कोई प्रयास किए। कस्बा सकीट में बाजार बंद रहे। शहर में दोपहर लगभग एक बजे तक सभी बाजार बंद रहे। मेन बाजार घंटाघर, बाबूगंज, हाथी गेट, गांधी मार्केट में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
जीटी रोड पर कुछ दुकानें बंद तो कुछ खुली थीं। सुबह के समय लोगों को जरूरी सामान तक नहीं मिला। चाय-पान की दुकानें भी बंद थीं। मेडिकल की अधिकांश दुकानें खुली थीं। दूसरी तरफ मिश्रा गुट ने अपने प्रतिष्ठान खोले रखे। इस दौरान उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट के जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, महामंत्री सुधीर वार्ष्णेय अल्ली, नगर अध्यक्ष अनुज जैन व महामंत्री राजकुमार गुप्त भरत के नेतृत्व में गठित टीमें बाजार में घूमती रहीं। उन्होंने हाथ जोड़कर खुली दुकानों को बंद कराया। दोपहर बाद बाजार पूरी तरह खुल गए।
व्यापारी बाद में जुलूस निकालकर सीओ सिटी कार्यालय पहुंचे। वहां सीओ करन सिंह को जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर युवा नगर अध्यक्ष सौरभ वार्ष्णेय, सभासद वीरेंद्र अग्रवाल टिल्लू, विमल चौहान, ईशान सिंह, उमेशचंद्र गुप्ता आदि मौजूद थे।
ये हैं मांगें
- आरोपी वकीलों व उनके सहयोगियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए
- राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाए
- इस घटना में शामिल सभी वकीलों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं
नहीं दिखा जीटी रोड पर जाम
एटा। रोज जहां जीटी रोड व मुख्य बाजारों से गुजरना लोगों के लिए दुश्वार होता था। गुरुवार को बंदी के दिन कहीं जाम की स्थिति नहीं बनी। आराम से वाहन निकले और लोगाें को भी परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
तीन करोड़ का व्यापार प्रभावित
एटा। बाजार बंदी का असर गल्ला मंडी में पूरी तरह से दिखाई दिया। मंडी में दुकानें पूरे दिन बंद रहीं। व्यापारियों की मानें तो मंडी के बंद होने से लगभग तीन करोड़ का व्यापार प्रभावित रहा। वहीं बंदी की सूचना से माल बेचने आए किसानों को भी परेशानी हुई। दरअसल किसान जब गल्ला लेकर मंडी पहुंचे तो दुकानें बंद देख परेशान रहे। अब शुक्रवार को गल्ला बेचने के लिए उन्हें मंडी में ही रहना पड़ेगा।