विकास भवन परिसर में मांगों को लेकर धरना देते सफाई कर्मी। संवाद
- फोटो : बौर क्षेत्र में कटान करती नदी।
एटा। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने एसीपी की मांग के लिए सोमवार को विकास भवन पर फिर धरना दिया। बाद में सीडीओ के आश्वासन पर करीब पांच घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया। इससे पहले कर्मचारियों ने 16 सितंबर को इसी स्थान पर धरना दिया था।
सोमवार को कार्य बहिष्कार कर विकास भवन पर सुबह करीब 9 बजे सफाई कर्मचारी एकत्रित हुए। संघ के जिलाध्यक्ष सनी ने कहा कि एक वर्ष से लिखित व मौखिक रूप से अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद मांगों को नहीं सुना गया है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अब आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होंगे। मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी।
कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि आंदोलन से उत्पन्न स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी की होगी। जब तक द्वितीय एसीपी का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों की मांग है कि 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी सफाई कर्मियों को नियम के तहत एसीपी का लाभ तत्काल दिया जाए। प्रभारी डीपीआरओ श्वेता सिंह के आश्वासन के बाद भी सफाई कर्मचारी विकास भवन पर डटे रहे।
धरने की सूचना पर दोपहर करीब 2 बजे सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र भी पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों से जल्द समस्या निस्तारण कराने की बात कही। सीडीओ के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारी संघ ने धरना समाप्त कर दिया। धरने के दौरान जबर सिंह, रवि कुमार, संजीव यादव, रेनुका, शीलेंद्र कुमार आदि सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।