गुरुवार रात एसडीएम सदर ने मिरहची थाना क्षेत्र के चहबच्चापुर में अवैध खनन कर लायी गई मिट्टी से भरे पांच ट्रैक्टर, एक जेसीबी पकड़ी है। खनन माफिया के वाहनों को छोड़ने के लिए एक विधायक ने देर रात तक पुलिस पर दबाव भी बनाया। खनन माफिया कई दिन से एसडीएम के आवास और उनके आने-जाने के समय की रैकी भी करा रहा था। जिस बोलेरो से रैकी की जा रही थी उसे भी जब्त कर लिया गया है। इसी बोलेरो से खनन माफिया मिरहची थाने में पुलिस पर दबाव बनाने पहुंचा था। एसडीएम के स्टाफ ने गाड़ी को तुरंत पहचान लिया और खनन माफिया को गिरफ्तार कर लिया। छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
राजनीतिक संरक्षण में जिले में मिट्टी का अवैध खनन खूब हो रहा है। खनन के धंधे से जु़ड़े लोगों को सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं का इन्हें संरक्षण रहता है, इस लिए इनके हौंसले बुलंद हैं। इसे दुस्सहास ही कहेंगे कि खनन माफिया एसडीएम सदर की रैकी कर रहे थे। वह आवास से कब निकलते हैं कहां-कहां जाते हैं। कितने बजे जाते इसकी रैकी बोलेरो में सवार खनन माफिया के साथी कर रहे थे। इसका अहसास एसडीएम को भी नहीं था। गुरुवार रात को एसडीएम सुनील कुमार वर्मा ने मिरहची क्षेत्र में अवैध रुप से खनन की मिट्टी ला रहे पांच ट्रैक्टर और एक जेसीबी पकड़ ली। वाहनों को वह थाने ले आए। वाहन पकड़ते ही सपा के एक विधायक ने एसडीएम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। एसडीएम को फोन कर वाहन छोड़ने के लिए कहा। एसडीएम स्टाफ के साथ थाने में मौजूद थे तभी एक बोलेरो में सवार कुछ लोग यहां पहुंचे और पुलिस पर दबाव बनाने लगे। एसडीएम के स्टाफ ने बोलेरो को पहचानते हुए बताया कि कार्रवाई से पहले बोलेरो आवास के बाहर खड़ी थी। इसमें तेज आवाज में गाने बज रहे थे। तब एसडीएम को अहसास हुआ कि इसी बोलेरो से रैकी की जा रही थी। बोलेरो में सवार खनन माफिया ने पुलिस और एसडीएम पर रौब दिखाना शुरू कर दिया। तभी पुलिस ने एसडीएम के आदेश पर माफिया की कार सीज कर उसे सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने अधिकारपुर निवासी शरद यादव, चहबच्चापुर निवासी महेश, मनपाल, नगला चोइया निवासी मनीराम, पालेवर, डुडिया निवासी विक्रम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।