अब तक गुलाबी ठंड का एहसास लोगों को था, लेकिन मंगलवार को ठंड ने अपना रंग दिखा दिया। सुबह से धुंध एवं गलन भरी सर्दी का असर दिखा। तापमान भी सुबह 12 डिग्री सेल्सियस पर रहा। सूरज निकलने के साथ ही धुंध छंटने लगी। इसके बाद लोगों ने राहत महसूस की।
गौरतलब है कि दिसंबर का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी लोगों को सर्दी का एहसास नहीं हुआ, जहां सुबह-शाम लोग हाफ स्वेटर पहन रहे थे। वहीं दिन में एक टी शर्ट से काम चलाने वाले लोगों को भी मंगलवार को सुबह पूरी तरह अपने को गरम कपड़ों से ढंक कर निकलना पड़ा। यकायक मौसम में हुए बदलाव ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी। धुंध ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए, वहीं शीतल हवाओं से जब लोग ठिठुरने लगे। सरकुलर रोड पर वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। अलाव ही लोगों के लिए सहारा बने। ठंड के चलते सार्वजनिक स्थल भी वीरान दिखे।
ठंड से कांपते स्कूल पहुंचे बच्चे
कड़ाके की ठंड एवं धुंध के बीच ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। यकायक ठंड बढ़ने से रोज के मुकाबले स्कूलों में बच्चों की संख्या प्रभावित रही। परिवारीजनों ने भी अपने स्कूली बच्चों को स्वेटर, जर्सी, जैकेट, मफलर से पैक कर स्कूल भेजा।
रेल व सड़क यातायात पर भी दिखा असर
दिसबंर के पहले सप्ताह के कड़ाके की ठंड का असर रेल यातायात एवं सड़क यातायात पर भी दिखा। कोहरे के चलते जहां कई ट्रेनें लेट हुई, वहीं सुबह के समय दिल्ली की ओर जाने वाली रोडवेज बसें भी निर्धारित समय से डिपो से नहीं निकल सकी। ट्रेन संख्या 19709 जयपुर-कामाख्या एक्सप्रेस निर्धारित समय से 45 मिनट की देरी से रवाना हुई। वहीं ट्रेन संख्या 55333 कासगंज-आगरा फोर्ट ट्रेन भी 20 मिनट विलंब से रवाना हुई। ट्रेनों में विलंब के चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।