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चिलचिलाती धूप में जाम से चार घंटे परेशान रहे यात्री

Sat, 09 Apr 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
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मामले की जानकारी करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार को डग्गामार बस के संचालकों द्वारा एआरएम के साथ हुई घटना से रोडवेज कर्मियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बसें आड़ी तिरछी खड़ी कर जाम लगा दिया। जाम से हाईवे की रफ्तार थम गई और वाहनों की करीब दस किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यात्री भटकते रहे। 
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जाम का हाल ये था कि हाईवे पर अलीगढ़ की ओर पिलुआ तक और बेवर की ओर मलावन तक वाहनों की कतार लगी थी। आगरा, कासगंज, शिकोहाबाद, गंजडुंडवारा, अलीगंज मार्ग पर करीब तीन-तीन किलोमीटर लंबी कतार वाहनों की लगी थी। जाम में फंसी बसों और निजी वाहनों में सवार सैकड़ों यात्री चिलचिलाती धूप में परेशान होते रहे। जलेसर में बिजली की लाइन में हुए शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल में लगी आग बुझाने जा रही दमकल भी जाम में फंस गई। 
सूचना पर पहुंचे एएसपी क्राइम आरपी गुप्ता, एसडीएम सुनील वर्मा व सीओ सिटी निवेश कटियार ने रोडवेज कर्मियों समझाने की कोशिश की। लेकिन रोडवेज कर्मी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। चार घंटे तक रोडवेज,  पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक चली और उसके बाद पुलिस के तीन दिन के भीतर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर रोडवेज कर्मियों ने जाम खोल दिया। इसके बाद भी ट्रैफिक सुचारु होने में घंटों लग गए। 
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 एसडीएम और सीओ ने दौड़ाए डग्गेमार वाहन
एक तरफ रोडवेज कर्मियों का हंगामा और प्रदर्शन चल रहा था। दूसरी ओर बेखौफ डग्गामार वाहन चालक सवारियां भर रहे थे। समाजसेवी मेधावृत शास्त्री ने रोडवेज कार्यालय में जाकर अधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो सीओ और एसडीएम सदर पुलिस बल लेकर डग्गामार वाहनाें को खदेड़ने पहुंचे। पुलिस ने दो वाहनों के चालकों को हिरासत में लिया है। बाकी के डग्गामार वाहन पुलिस बल को देखते ही वाहन लेकर भाग गए।
पुलिस और एआरटीओ नहीं करते कार्रवाई
एटा। डग्गामार वाहन के  मारपीट करने की यह पहली घटना नहीं है। होली से पूर्व भी सवारी भरने को लेकर एक डग्गामार बस के चालक और उसके साथियों ने रोडवेज बस में तोड़फोड़ की थी। रोडवेज कर्मियों ने जाम लगाया तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रोडवेज बस कर्मियों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि लगातार घटनाएं होती है लेकिन न तो पुलिस कोई ठोस कार्रवाई करती है और न ही एआरटीओ। रोडवेज कर्मियों ने डग्गामार वाहनों के संचालन में पुलिस व एआरटीओ कार्यालय की मिलीभगत और सत्ता दल के संरक्षण के भी आरोप लगाए। 
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