होली से पहले मौसम का मिजाज बदला नजर आया। शनिवार रात से हो रही कभी तेज
तो कभी रिमझिम बारिश और चल रहीं तेज हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। इससे तापमान
भी गिर गया है। इस दौरान बिजली ने भी धोखा दिया। रिमझिम बारिश से सड़काें
पर भी फिसलन होने से लोगों को निकलने में परेशानी हुई। बाजारों में भी
सन्नाटा परसा नजर आया। जगह-जगह होली के लिए रखीं लकड़यिां भी भीग गईं, वहीं
तेज हवाओं के चलते होर्डिंग्स आदि भी गिर गए। लोग भी कहते दिखे इस मौसम ने
फाल्गुन में सावन का अहसास करा दिया।
तेजी से बदल रहा मौसम शनिवार रात
को पलटी मार गया। सुबह से छाए बादल रात को असर दिखा गए। इसके साथ ही विदा
होती ठंड की फिर वापसी हो गई। सुबह उठे लोग अप्रत्याशित ठंड से सहमे दिखे।
बूंदाबांदी का सिलसिला रविवार दिन में भी जारी रहा। सुबह को रुक-रुककर
रिमझिम होती रही। इसके चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग बाजार एवं
अन्य कार्य के लिए घरों से नहीं निकल सके और अवकाश का लाभ नहीं उठा सके।
दुकानदारों
का कहना है कि सुबह हुई बूंदाबांदी के चलते बाजारों में अन्य दिनों जैसी
भीड़ नहीं हुई। दूसरी ओर तेज चलीं हवाओं से लोग सिहर उठे, वहीं बाजारों में
कई जगह अलाव भी जलते मिले। लोग भी फिर से गर्म कपड़ों से लदे नजर आए।
रविवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान आठ डिग्री
सेल्सियस दर्ज किया गया।
सड़कों पर बढ़ी फिसलन-चिपचिपाहट
बूंदाबांदी
के चलते रास्तों पर फिसलन एवं चिपचिपाहट बढ़ गई। कच्चे रास्तों पर गुजरना
मुश्किल हो गया। गढ्ढायुक्त सड़कों पर पानी भर गया। ऐसे में तेज गुजर रहे
वाहनों के छींटों से लोग परेशान दिखे।
बारिश व हवा से किसान परेशान
अलीगंज/मिरहची।
बारिश व हवाओं के चलते किसान परेशान हैं। किसानों के अनुसार सैकड़ों बीघा
फसल गिर गई है। तंबाकू किसान भी मौसम से सहमे हैं। बूंदाबांदी को जहां यह
लोग लाभप्रद बता रहे हैं वहीं ओलावृष्टि से तंबाकू में तबाही होगी। किसान
रामखिलाड़ी, बल्लू के अनुसार ठंडा मौसम गेहूं तंबाकू के लिए ठीक है, लेकिन
ओले तंबाकू, आलू, गेहूं, मटर सभी के लिए नुकसानदायक हैं। मिरहची के किसान
क्यामुद्दीन व नबाबुद्दीन का कहना है कि बारिश से गेहूं की फसल को काफी
नुकसान हुआ है।