कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली पर 11 हजार दीयों से चामुंडा मंदिर जगमगा उठा। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। मंदिर के नजारे को कैमरे में कैद किया और सेल्फी भी ली।
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शंकर ने देवताओं की प्रार्थना पर सभी देवताओं को प्रताड़ित करने वाले राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया। इस उल्लास में सभी देवताओं ने मिल कर दीवाली मनाई। इसे देव दीपावली में रूप में मनाया जा रहा है। इसी के तहत कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली को मनाने के लिए भक्तों में अपार उत्साह देखा गया। पूरे दिन श्रद्धालु मंदिर परिसर के एक-एक कोने को दीपों से जगमगाने में लगे रहे।
शाम के समय आरती के साथ जब संपूर्ण चामुंडा मंदिर परिसर के दीप जले तो मंदिर का अदुभुत अलौकिक नजारा देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर में चल रही शतरंगी आतिशबाजी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर परिसर में आकर्षक रंगोली भी भक्तों ने बनाई। चामुंडा मंदिर के अलावा नगर के प्रभूपार्क सहित अन्य देव मंदिरों पर यही नजारा देखने को मिला। प्रभूपार्क पर महिलाओं और अन्य भक्तों ने हाथों से रंगोली सजाकर पूरे मंदिर परिसर को दीयों की रोशनी से जगमगा दिया। मंदिर पर आकर्षक साज सज्जा और नवीन परिधान में सजे देवताओं के दर्शन भी भक्तों ने किए। पूरे दिन नगर का वातावरण धार्मिक बना रहा।