फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चैत्र में ही जेठ जैसी तपिश, पारा 40 पार

Sat, 01 Apr 2017 11:40 PM IST
amar ujala
विज्ञापन
चैत्र में जेठ जैसी तपिश ही - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
चैत्र महीने में ही इस बार जेठ जैसी तपिश शुरू हो गई है। गर्मी ने पिछले कई साल के रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पारा अभी से 40 पार है। वहीं सुबह नौ बजे से ही आसपास के धूप के रूप में आग जैसी बरसने लगती है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हुआ है।
विज्ञापन

जिले में कई दिनों से दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। शनिवार को भी पारा 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। चैत्र में ही ऐसी भीषण गर्मी पड़ रही है। जैसे जेठ यानि मई-जून का महीना लग गया है। आलम यह है कि सुबह से सूरज की तपिश असहनीय हो जाती है। 10 बजते-बजते धूप की ऐसी लपटें महसूस होती है। जो बदन झुलसाने लगी हैं। लोगों को लग रहा है अभी से गर्मी का यह हाल है, तो जेठ में क्या होगा? मौसम के जानकारों की मानें तो जिले में गर्मी ने पिछले सात साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। सूरज की तेजी का असर यह है कि दिन चढ़ने के साथ तापमान में भी वृद्धि होती रहती है। शनिवार को सुबह से ही तपन बनी रही। 11 बजे तक ही पारा 40 डिग्री पर पहुंच गया था। दोपहर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। धूप, गर्मी के कारण दोपहर सड़क और बाजारों में भी चहल-पहल कम रही। गर्मी में तेजी के साथ ही शहर में शीतल पेय, आईसक्रीम आदि की मांग बढ़ गई है। गन्ने के रस, शिकंजी, मैंगों शेक की भी बिक्री बढ़ने लगी है।

एक अप्रैल के आंकड़े (सेल्सियस में)
वर्ष         अधिकतम        न्यूनतम
2010        33            22
2011        38            27
2012        31            22
2013        35            26
2014        38            25
2015        30            21
2016        34            17
2017        41            25

डाक्टरों ने दी बचाव की सलाह
रिकार्डतोड़ गर्मी के साथ ही मौसमी रोग और संक्रामक बीमारियां होने की आशंका भी बढ़ने लगी हैं। डॉ मनोज गुप्ता ने बताया कि लोगों को गर्मी से खुद का बचाव करना होगा। दोपहर में घर से निकलने से बचें। धूप में निकलते समय फुल स्लीव के सूती कपड़े पहने। चेहरा और सिर धूप से बचाएं। कुछ खाकर घर से निकलें। खाली पेट धूप जानलेवा साबित हो सकती है। खूब पानी, छाछ, केरी का पना, नींबू पानी पीएं। बासी खाने से बचें। डा. एस चंद्रा ने बताया कि तेज गर्मी में लू की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों-बुजुर्गों को एहतियात बरतने की जरूरत है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें