अगर चांद का दीदार हुआ तो मंगलवार से माह-ए-रमजान की शुरुआत हो जाएगी। इसकी तैयारियां भी घरों में शुरू हो गई हैं। उमस भरी में गर्मी में पड़ने वाले इस रमजान के लिए रोजेदार अपने जिस्म को पहले से ही तैयार कर रहे हैं। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उन्होंने संतुलित आहार लेना शुरू कर दिया है। इससे उन्हें रमजान में बदलने वाली दिनचर्या में राहत मिलेगी।
मुकद्दस रमजान में रोजेदारों के रूटीन में बदलाव आ जाता है। चौबीस घंटे में करीब पौने सोलह घंटे भूखा-प्यासा रहकर खुदा की इबादत में गुजारने होंगे। अगर रोजेदार इस बदलाव के लिए पहले से तैयार हो जाए तो उन्हें रोेजे के दौरान राहत मिलेगी। चिकित्सक की मानें तो रमजान में रोजेदारों को डिहाईड्रेशन, सिर में दर्द और थकान की शिकायत हो सकती है। इससे बचने के लिए रोजेदारों को पहले से ही संतुलित आहार लेना शुरू कर देना चाहिए। रमजान से पहले दिन का खाना हल्का कर देना चाहिए और रात का खाना जल्दी खाना चाहिए।
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नपा तुला आहार लें
चिक्तिसकों के मुताबिक सहरी के वक्त नपा तुला आहार लेना चाहिए। दही के इस्तेमाल से रोजेदारों को ठंडक मिलेगी। पेट भी सही रहेगा और प्यास भी कम लगेगी। वहीं दलिया पौष्टिक आहार की कमी को दूर करेगा।