हाईवे-91 पर सैंथरी के पास हुआ रोडवेज बस हादसा बस चालक के साथ विद्युत निगम अफसरों की लापरवाही का नतीजा है। यदि बस चालक पहले से खड़े ट्रक को ओवरटेक कर आगे निकलने की जल्दबाजी नहीं करता तो हाईटेंशन लाइन का तार बस के ऊपर नहीं गिरता और रोडवेज बस में सवार सात यात्रियों की जान बच जाती।
दरअसल हादसे से चंद मिनट पहले खंभे के इंसुलेटर को जलता देख एक चालक ने ट्रक रोक लिया था। इसी बीच वहां पहुंची बेबर डिपो की रोडवेज बस चालक ने ट्रक रुकने कारण देखे बिना जैसे ही ट्रक ओवरटेक किया, वैसे ही इंसुलेटर में फंसा हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर बस के ऊपर गिरने के बाद बस की बॉडी से रगड़ने लगा। इसके चलते बस में करंट के साथ आग लग गई। हादसे के समय बारिश होने के कारण बस के गीले टायर और रिम से अर्थिंग मिलने से चंद मिनट में एचटी लाइन ट्रिप हो गई। यदि दो तीन मिनट लाइन ट्रिप नहीं होती और तार बस से चिपका रहता तो बस में बैठे सभी यात्रियों की जान चली जाती। बस में आग लगते ही खिड़की पास खड़े होकर सफर रहे यात्रियों ने बिना देख दरवाजा के रास्ते कूदने की कोशिश की और बिजली ट्रिप होने से पहले एचटी लाइन की चपेट में आकर मौत के काल में समां गए। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर और झुके खंभे, एचटी लाइन बदलने के लिए कई बार पावर निगम अफसरों से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते मंगलवार को रोडवेज बस के ऊपर एचटी लाइन का तार गिरने से सात यात्री जान गवां बैठे।