प्रदेश में ओलावृष्टि से किसानों की बर्बाद हुई फसल को लेकर अभी तक किसानों
को आपदा की फूटी कौड़ी नहीं मिली लेकिन राजनीति शुरू हो गई है। बुधवार को
एटा आए उन्नाव के भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने केंद्र सरकार द्वारा दी गई
777 करोड़ की धनराशि में से सात रुपये भी किसानों को न बांटने का सपा सरकार
पर आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग तक कर डाली। दूसरी ओर,
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया ने जिले में
जिला पंचायत के हुए परिसीमन को गलत ठहराते हुए इसे दोबारा कराने की मांग
की। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन सही नहीं हुआ तो हम सड़क पर उतरकर इसका
विरोध करेंगे।
दोनों वरिष्ठ भाजपा नेता बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे,
जहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने के बाद मीडिया से भी
रूबरू हुए। प्रो. रामशंकर कठेरिया ने कहा कि प्रदेश में 43 हजार पुलिस की
भर्ती केवल इटावा और मैनपुरी जिले में ही की गई है। इसकी सीबीआई जांच होनी
चाहिए। हमें विश्वास है सरकार फंसेगी और जाएगी। पीसीएस का पर्चा लीक होने
के मामले में यूपीपीएससी के निदेशक की बर्खास्तगी की मांग की। आरोप लगाया
उप्र सरकार किसानों के प्रति लापरवाह है। अधिकारियों ने किसानों के नुकसान
का सही आकलन नहीं किया है।
दूसरी ओर, सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि
लोगाें में भ्रम फैलाया जा रहा है कि भाजपा किसान विरोधी है, जबकि केंद्र
सरकार ने राज्य सरकार को 777 करोड़ रुपये की राहत राशि पीड़ित किसानों को
बांटने के लिए भेजी थी जो आज तक नहीं बंटी।
यह पैसा कहां गया। भाजपा ने
इसके लिए पत्र लिखकर जवाब भी मांगा है। उन्हाेंने कहा कि छोटे से राज्य
हरियाणा ने 1145 करोड़ रुपये मांगे हैं, जबकि इतने बड़े राज्य यूपी को तो
ज्यादा पैसे मांगने चाहिए थे, लेकिन मांगे केवल 740 करोड़। इससे पहले एटा
आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता के नेतृत्व में
चमकरी पर केंद्रीय राज्यमंत्री का स्वागत किया। बाद में निरीक्षण भवन में
उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना।
इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा
नेता हरनाथ सिंह, पूर्व विधायक सुधाकर वर्मा, हंसराज वर्मा, प्रतेंद्र पाल
सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश, सतपाल सिंह, संदीप जैन, पंकज
चौहान, अवधेश गुप्ता, वीरेंद्र वार्ष्णेय, अवागढ़ चेयरमैन महेशपाल आदि
मौजूद थे।
भूरी सिंह को दिया मदद का भरोसा
जलेसर। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री और सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने फसल बर्बादी से मृतक किसान भूरी सिंह के घर जाकर उसके परिवारीजनों को मदद का भरोसा दिलाया। वहीं गांव शाहनगर टिमरूआ के कृषक माध्यमिक विद्यालय के वार्षिक स्नेह मिलन और पत्रिका विमोचन समारोह में कही। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ग्राम टिमरूआ में बनने वाले सिद्धेश्वर महादेव द्वार की आधारशिला रखी। उक्त द्वार का निर्माण ओकार सिंह, उमेश सिसोदिया द्वारा कराया जा रहा है। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, वहीं सांसद ने पत्रिका प्रताप का विमोचन किया। अंत में प्रबंधक डा. विजयवीर सिंह ने आगुंतकों का आभार जताया। इस मौके पर पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्रपाल सिंह, अवागढ़ चेयरमैन महेशपाल सिंह, विकास मित्तल, डा. विजय गौतम, अशोक शर्मा, पवेंद्र सिंह, पम्मी ठाकुर, सीपी सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, दिलीप वार्ष्णेय, धीरेंद्र सिंह, सतेंद्र जादौन आदि मौजूद थे।
बाद में मंत्री नगला उदी पहुंचे, जहां बरसात और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई आलू-गेहूं की फसल देख सदमा लगने से किसान भूरी सिंह (40) की मौत हो जाने पर परिवारीजनों को ढांढ़स बंधाया और मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। बाद में जलेसर में भाजपा के वयोवृद्ध नेता दर्शनलाल अरोड़ा के निधन पर परिवारीजनों को भी सांत्वना देने पहुंचे।
मृतक किसान के घर नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
मारहरा। फसल नष्ट होने से किसानों की होने वाली मौत के लिए सरकार भले ही गंभीरता दिखा रही हो, लेकिन गांव त्रिलोकपुरमें एक किसान की मौत की सूचना के नौ दिन के बाद भी कोई अधिकारी उनके घर तक नहीं गया है। अशोक कुमार (47) ने अपनी छह बीघा जमीन के अलावा 36 बीघा जमीन पट्टे पर ले रखी थी। इसमें गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन बरसात से यह खराब हो गई। 30 मार्च को सुबह 10 बजे किसान जैसे ही खेत पर पहुंचा वैसे ही अशोक को घबराहट हुई। परिजन उन्हें लेकर एटा जिला अस्पताल पहुंचे, जहां अलीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में मौत हो गई। सूचना दिए जाने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी तो दूर की बात है अभी तक कोई लेखपाल तक नहीं पहुंचा है। मृतक किसान अशोक की पत्नी सत्यवती ने बताया कि तीन पुत्रियों में से एक पुत्री संध्या की शादी हो गई है। दो अविवाहित हैं। एक पुत्र है। परिवार गरीब होने के कारण अब पत्नी को दोनों बेटियों की शादी की चिंता सता रही है।
पैन कार्ड की अनिवार्यता की जाए खत्म
कासगंज। श्री सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मानव संसाधन केंद्रीय राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया से आगरा में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आभूषण खरीदने के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की।
शासन से पीड़ितों के लिए मिले 12 करोड़
बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से जिले में किसानों की बर्बाद हुईं फसलों का आकलन कर जिला प्रशासन द्वारा शासन से 24 करोड़ 70 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसके तहत बुधवार की सायं प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के रूप में जिले को 12 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। यह धनराशि तीनों तहसीलों में भेज दी गई है। गुरुवार से पीड़ित किसानों को चेक के माध्यम से मुआवजा राशि दी जाएगी।
अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने नुकसान का आकलन कर राज्य सरकार से 24 करोड़ 70 लाख रुपये की मांग की थी। शासन से बुधवार को 12 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल गई है। उन्होंने बताया कि आठ करोड़ रुपये जलेसर एसडीएम रविप्रकाश श्रीवास्तव को, तीन करोड़ एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह व एक करोड़ रुपये अलीगंज एसडीएम भैरपाल सिंह को सौंपे गए हैं। एसडीएम अपनी-अपनी तहसीलों में चिन्हित किसानों को गुरुवार से मुआवजा राशि के चेकों का वितरण करेंगे। उन्होंने बताया कि यह मुआवजा राशि किसानों को 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से वितरित की जाएगी।
पैन कार्ड की अनिवार्यता की जाए खत्म
श्री सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मानव संसाधन केंद्रीय राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया से आगरा में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आभूषण खरीदने के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की।
अध्यक्ष अनुरुद्ध पल्तानी, महामंत्री दीपक गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने अपने अंतिम बजट में एक लाख रुपये तक आभूषण खरीदने के लिए पैन कार्ड का होना अनिवार्य कर दिया था। जो कि बजट से पहले पांच लाख रूपये था। यह निर्णय सराफा व्यापारियों के विरोध में है। संयोजक योगेश चंद्र कोषाध्यक्ष राहुल बिड़ला ने भी इसका समर्थन किया। इस मौके पर राजेंद्र गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, आशीष केला, मोहित सराफा, मुकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। महामंत्री दीपक गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने अपने अंतिम बजट में एक लाख रुपये तक आभूषण खरीदने के लिए पैन कार्ड का होना अनिवार्य कर दिया था। जो कि बजट से पहले पांच लाख रूपये था। यह निर्णय सराफा व्यापारियों के विरोध में है। संयोजक योगेश चंद्र कोषाध्यक्ष राहुल बिड़ला ने भी इसका समर्थन किया। इस मौके पर राजेंद्र गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, आशीष केला, मोहित सराफा, मुकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।