एटा। क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने से अफसरों की चिंताएं बढ़ी हुईं हैं। खरीद बढ़ाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। इसके बाद भी एक महीने में 4 हजार क्विंटल की ही खरीद हो सकी है। इसको लेकर अधिकारी नित नए आदेश जारी कर रहे हैं। ताकि खरीद का लक्ष्य पूरा किया जा सके। अब केंद्र प्रभारियों को घर-घर जाकर गेहूं खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 82 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से महज 23 केंद्रों पर ही अब तक गेहूं पहुंचा है। जबकि 59 केंद्र एक महीने से सूने पड़े हैं। 23 केंद्रों पर मात्र 400 मीट्रिक टन की ही खरीद हुई है। कम खरीद को लेकर क्रय केंद्र प्रभारियों को गांव-गांव जाकर गेहूं खरीदने को कहा गया है। यह भी कहा है कि किसानों की मन की बात जानें कि आखिर वह गेहूं लेकर क्यों नहीं आ रहे। ग्राम प्रधानों से संपर्क कर केंद्र प्रभारी किसानों से मिलेंगे और खरीद बढ़ाने का काम करेंगे।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी नंदकिशोर ने बताया कि गेहूं की खरीद बढ़ाने के लिए क्रय केंद्र प्रभारियों को गांवों में जाकर प्रधानों व बड़े किसानों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। घर-घर जाकर खरीद कराई जाएगी ताकि पिछले वर्ष के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
-
बड़ी कंपनी किसानों से सीधे खरीद रहीं हैं गेहूं
पिछले सप्ताह एफसीआई की केंद्रीय टीम को एटा भेजा गया था। उसने क्रय केंद्र प्रभारियों, व्यापारियों और किसानों से वार्ता की थी। तब खुलासा हुआ था कि अडानी, रिलायंस जैसी कंपनियों के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों से सीधे गेहूं खरीद कर रहे हैं। इसकी वजह से सरकारी केंद्र अब तक सूने पड़े हैं।