एटा। गरीबों का हक मारकर मुफ्त राशन गटकने वाले साधन-संपन्न लोगों पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। जिले में चलाए गए सघन सत्यापन अभियान के दौरान 2,400 राशन कार्डधारक अपात्र पाए गए हैं, जिनके कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
शासन के निर्देश पर पिछले तीन महीनों से राशन कार्डों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि कई ऐसे लोग भी राशन कार्ड बनवाकर इसका लाभ ले रहे थे, जिनके पास दोपहिया और चार पहिया वाहन हैं, जो नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, जिनका बैंक बैलेंस अच्छा खासा है और जो बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त कर चुके हैं। इसके बावजूद वे गरीबों के कोटे का मुफ्त राशन उठा रहे थे। इनमें ज्यादातर कार्ड ‘पात्र गृहस्थी’ श्रेणी के थे।
विभाग द्वारा इन सभी 2,400 अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त किए जाने के बाद अब जिले में कुल 26,655 अंत्योदय और 2,91,951 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड शेष बचे हैं। इन सभी वैध राशन कार्डों में कुल 12,47,891 यूनिट दर्ज हैं, जिन्हें नियमानुसार खाद्यान्न का लाभ मिल रहा है। संवाद