कलक्ट्रेट पर सीएए को वापस लेने की मांग का एसडीएम को ज्ञापन देते जमियत उलेमा ए हिंद के लोग
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एटा। जमियत उलेमा-ए-हिंद ने मंगलवार को एक ज्ञापन एएसडीएम को दिया। जिसमें उन्होंने सीएए को वापस लेने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर पूरा देश जनता का आक्रोश झेल रहा है। यह एक काला कानून है, इसे वापस लिया जाए। मंगलवार को जमियत एलेमा-ए-हिंद के बैनर तले कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति से संबोधित ज्ञापन एएसडीएम एसपी वर्मा को दिया। ज्ञापन में कहा है कि हिंदुस्तान एक सेकुलर और गणतात्रिंक देश है, जिसका संविधान सेकुलरिज्म पर आधारित है। यह धार्मिक स्वतंत्रता के साथ नागरिकता का अधिकार देता है। वहीं सरकारें भी इसके लिए बाध्य है। नागरिक संशोधन संविधान की धाराओं के बिल्कुल विपरीत है। यह नागरिकता के अधिकार को वंचित करने वाला है।
आसाम में एनआरसी के लिए नागरिकता प्रमाण को लेकर बहुत सी कठनाईयां लोगों के सामने हैं। वहां आज भी 19 लाख लोग नागरिकता के अधिकार से वंचित हैं। केंद्र सरकार ने पूरे देश में एनआरसी को लागू करने की घोषणा कर रखी है। ज्ञापन में कहा कि यह बिल देश की अखंडता व अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा सिद्ध होगा। उन्होंने कहा जमियत-उलेमा-ए-हिंद जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नागरिक संशोधन एक्ट को वापस लेने की मांग करती है। इस मौके पर मौलाना मोहम्मद राशिद, आबिद अली, ताहिर, फहीमुद्दीन आदि मौजूद रहे।