एटा। अलीगढ़ से मैनपुरी तक करीब डेढ़ सौ किलोमीटर लंबे जीटी रोड को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। इसके लिए एटा जिले की सीमा में आधा दर्जन ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें अलीगढ़ से शहर की सीमा में प्रवेश करते ही थाना पिलुआ और शहर की सीमा से बाहर थाना मलावन के समीप बन रहे बाईपास के दोनों ओवरब्रिज क्रमश: नवंबर और जनवरी माह तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे दिल्ली से कानपुर जाने वाले वाहन फर्राटा फर सकेंगे।
शहर में पहली बार कार्यदायी संस्था पीएनसी द्वारा तीन बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इन बाईपास का काम 80 फीसदी हो चुका है। अलीगढ़ से शहर की सीमा में प्रवेश करते वक्त सबसे पहले थाना पिलुआ पर पहला बाईपास पड़ता है, जिस पर थाना पिलुआ के ठीक सामने से ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। यहां कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
वहीं जीटी रोड स्थित हजारा नहर पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज में काम रह जाने की वजह से समय लग रहा है। पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित भाटिया ने बताया कि नवंबर माह तक इस बाईपास पर वाहन फर्राटा भर सकेंगे। फिलहाल अभी वाहनों को हजारा नहर पर बन रहे ओवरब्रिज से न निकालते हुए दूसरे रास्ते से निकालेंगे।
मलावन बाईपास एक से डेढ़ माह में तैयार होगा
पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित भाटिया ने बताया कि थाना मलावन से शुरू होने वाला बाईपास और उस पर बनने वाला ओवरब्रिज एक से डेढ़ माह में बनकर पूरा हो जाएगा। अक्तूबर माह के अंत तक इस बाईपास पर वाहन दौड़ने लगेंगे। बाईपास चालू हो जाने के बाद मलावन में रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। मलावन में सोमवार के दिन खासकर जाम की स्थिति भयाभय रहती है इससे निजात मिलेगी। सोमवार के दिन मलावन में लोग जात करने के लिए दूर-दराज से आते हैं। वहीं मेले का आयोजन किया जाता है।
शहरवासियों को मिलेगी जाम से निजात
जीटी रोड पर सबसे अधिक जाम के हालात एटा शहर में रहते हैं। शहर के बीचों बीच से गुजरने वाले जीटी रोड पर वाहनों की संख्या अधिक होने से बाजार में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। बाईपास निर्माण के बाद से यहां जाम से शहरवासियों को निजात मिलेगी। जनवरी माह तक यह बाईपास तैयार हो जाएगा। अभी तक लगभग 70 फीसदी कार्य हो चुका है।
45 किलोमीटर लंबे हैं तीनों बाईपास
अमित भाटिया ने बताया कि जनपद के तीनों बाईपास की कुल लंबाई 45 किलोमीटर है। 45 किलोमीटर लंबे तीनों बाईपास का निर्माण जनवरी माह तक पूरा हो जाएगा। तीनों बाईपास को कुल 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।
भारी वाहनों का शहर में प्रवेश निषेध
तीनों बाईपास का निर्माण पूरा हो जाने के बाद भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह से बंद हो जाएगा। शहर में सिर्फ रोडवेज बस को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी।
बसों के लिए होगी मारामारी
बाईपास निर्माण के बाद शहर के बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए एक नई समस्या सामने आएगी। लंबे रूट की बसें ज्यादातर बाईपास से होकर ही गुजरेंगी जिससे शहर के यात्रियों को लंबे रूट की बसों की सेवा नहीं मिल पाएगी। दिल्ली से कानपुर जाने वाली बसें शहर से न होकर सीधा बाईपास का रुख करेंगी।