एटा। शहर में पिछले कुछ दिनों से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से चाय, नाश्ता, फास्ट-फूड व मिठाई कारोबारियों की मुश्किलें गहराती जा रही हैं। गैस कंपनियों की ओर से आपूर्ति ठप किए जाने के कारण कई दुकानदारों को अपने ठेले और दुकानें बंद करनी पड़ीं।
वहीं जो दुकानें खुल भी रही हैं। मजबूरी में लकड़ी व कोयले की भट्ठियों से काम चला रहे हैं। इससे न सिर्फ खर्च बढ़ गया है बल्कि काम की गति और गुणवत्ता पर भी सीधा असर पड़ रहा है। शहर के विभिन्न बाजारों जीटी रोड, घंटाघर, ठंडी संडक, बस स्टैंड, रेलवे रोड पर आम दिनों की तरह चाय व नाश्ते की खुशबू नहीं उठ रही। कई दुकानें बंद हैं कई बंद होने की कगार पर पहुंच गई है।
दुकानदार प्रमोद कुमार, नन्नू कुश्वाह, अंकुर वर्मा का कहना है कि भट्ठी पर काम करना बेहद कठिन और महंगा पड़ रहा है। लकड़ी और कोयले की कीमतें पहले से ही बढ़ी हुई हैं ऐसे में रोजाना का खर्च दोगुना हो गया है। इसके अलावा भट्ठी जलाने और तापमान नियंत्रित रखने में समय अधिक लगता है जिससे काम की रफ्तार धीमी हो गई है। फास्ट फूड दुकान चलाने वाले लकी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से एक भी व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल रहा। गैस खत्म होने पर दुकान बंद करनी पड़ी। मजबूरी में भट्ठी बनाकर काम शुरू किया है लेकिन उससे काम न तो तेज होता है और न ही पहले जैसा स्वाद बन पाता है।
सोनू वर्मा जो पराठा व नाश्ते की दुकान चलाते हैं कहते हैं लकड़ी व कोयला इतने महंगे हो गए हैं कि रोजाना का खर्च 200-300 रुपये बढ़ गया है। ऊपर से भट्ठी में काम करना भी बहुत मेहनत वाला है। मिठाई कारोबारी सुनील कुमार ने बताया कि सिलिंडर न मिलने से पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है। भट्ठी पर काम करना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ लागत बढ़ी है बल्कि समय भी दोगुना लग रहा है।
राजकुमार वर्मा, जिनकी चाट व स्नैक्स की दुकान है ने बताया चार दिन दुकान बंद रखनी पड़ी। अब भट्ठी पर काम शुरू किया है लेकिन पहले जितनी मात्रा बनाना मुश्किल है। ठेले पर चाय और नाश्ता बेचने वाले छोटे दुकानदारों के सामने तो रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इनमें से अधिकतर के पास लकड़ी-कोयला जलाने की व्यवस्था भी नहीं होती। गैस पर निर्भर रहने वाले ऐसे दुकानदार रोज कमाकर घर चलाते हैं, इसलिए एक-दो दिन का भी बंद रहना बड़ा नुकसान साबित हो रहा है।
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जलेसर में चौथे दिन भी ईंधन संकट गहराया, पेट्रोल पंपों पर पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
जलेसर। कस्बे में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति न होने से रविवार को भी ईंधन संकट बरकरार रहा। लगातार चार दिनों से आपूर्ति ठप रहने के कारण जलेसर के तीन प्रमुख पेट्रोल पंपों पर स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो गया है। स्थिति यह रही कि आगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप समेत सभी पंपों पर दिनभर सूना पड़ा रहा जहां आमतौर पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई देती थीं वहां सन्नाटा पसरा रहा।
आगरा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप पर पिछले चार दिनों से पेट्रोल और डीजल दोनों का स्टॉक खत्म है। इसी प्रकार सागर ताल क्षेत्र के पेट्रोल पंप पर भी ईंधन उपलब्ध नहीं है। ईंधन न मिलने से वाहन चालकों के साथ किसानों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में फसलों की सिंचाई व अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पंप संचालकों का कहना है कि पुराने स्टॉक की खपत पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। नए स्टॉक के लिए इंडेंट भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि टैंकर पहुंचते ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिर से सामान्य कर दी जाएगी। हालांकि लगातार चौथे दिन भी आपूर्ति बाधित रहने से क्षेत्र में ईंधन संकट गहराता जा रहा है।
ठंडी सड़क स्थित फास्ट-फूड की दुकान पर सुलघती भट्ठी। संवाद- फोटो : सांकेतिक