बाबूगंज निवासी सराफा व्यापारी संजीव जैन की लूट के बाद हत्या की कड़ी जुड़ती दिखाई दे रही है। परिवारीजनों की माने तो आगरा के पश्चिमपुरी में डेढ़ साल पहले संजीव ने मकान खरीदा था। उसे बेचने की डील 33 लाख रुपये में हुई थी। 5100 रुपये एडवांस ले लिए थे। परिवारीजनों को शक है कि इसी डील का पेमेंट लेकर लौटते वक्त ट्रेन में लूटपाट के बाद संजीव की हत्या की गई है।
सोमवार को आगरा से सराफा व्यापारी राजीव मृतक के घर पहुंचे। राजीव ने बताया कि संजीव जैन उनकी दुकान पर आए थे, मोबाइल भी चार्ज किया था। इसके बाद वह किसी के साथ चले गए थे। राजीव की माने तो डेढ़ साल पहले संजीव ने 28 लाख रुपये का मकान आगरा के पश्चिमपुरी में खरीदा था। 21 अप्रैल को इसी प्रॉपर्टी का 33 लाख रुपये में सौदा कर 5100 रुपये एडवांस लिए थे। परिवारीजनों को शक है कि 22 अप्रैल को संजीव उसी प्रॉपर्टी डील का पैसा लेने आगरा बस से गए थे और शाम को होली पैसेंजर ट्रेन से घर लौटते वक्त लूटपाट के बाद उनकी हत्या कर दी गई। परिवारीजनों की माने तो संजीव के गले में छह से सात तोले की सोने की चेन, एक डायमंड रिंग, दो सोने की अंगूठी और बैग था जो नहीं मिला है। मृतक के भाई प्रमोद जैन ने बताया कि शव से मिला मोबाइल और ट्रेन का टिकट रविवार को पुलिस को सौंप दिया गया है। परिवारीजन प्रॉपर्टी डील से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगे हैं। बताया जाता है कि प्रॉपर्टी डील से जुड़ा आगरा निवासी व्यक्ति को शनिवार को संजीव जैन के घर के आसपास देखा गया है। मृतक व्यापारी के भाई प्रमोद जैन ने कहा कि प्रॉपर्टी डील के संबंध में हो सकता है कि संजीव ने अपनी पत्नी विनीता से बात की हो। माहौल सामान्य होने पर बात कर मामले की तह में जाने की कोशिश की जाएगी। प्रमोद ने कहा कि भले ही एटा पुलिस ने मामले को जीआरपी में ट्रांसफर कर दिया हो, लेकिन संजीव जैन के हत्यारों तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।